एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रक्षा भूमि राइफल रेंज में दो हरिशंकरी सहित हजारों पौधों का रोपण, 10.22 लाख से अधिक पौधारोपण लक्ष्य

गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में प्रदेशव्यापी ‘वृक्षारोपण महायज्ञ-2026Ó के तहत रविवार को पर्यावरण संरक्षण का विशाल अभियान चलाया गया। ‘सबका साथ, वनों का विकास तथा ‘एक पेड़ माँ के नामÓ थीम पर जिला प्रशासन और सामाजिक वानिकी प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में विजयनगर स्थित रक्षा भूमि राइफल रेंज परिसर में 50 हजार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ आयना डांस एकेडमी की कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। अतिथियों का पौधा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। अपने संबोधन में राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। वृक्ष केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि मानव जीवन, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के सबसे मजबूत आधार हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है और इनके संरक्षण में ही मानवता का वास्तविक कल्याण निहित है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित रखने का आह्वान किया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने कहा कि वृक्ष धरती के आभूषण हैं और मानव जीवन के आधार स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पीपल, बरगद, पाकड़ जैसे वृक्षों का विशेष धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी ले ले, तो आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण मिल सकता है। उन्होंने कहा कि ‘जब हम वृक्षों की रक्षा करेंगे, तभी वृक्ष हमारी रक्षा करेंगे। जिलाधिकारी ने यह भी घोषणा की कि वृक्षारोपण अभियान से जुड़े विभिन्न प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। सदर विधायक संजीव शर्मा ने कहा कि जिस रक्षा भूमि क्षेत्र में आज हजारों पौधे लगाए गए हैं, वहां वर्ष 2025 से पहले अवैध अतिक्रमण, गंदगी और असामाजिक गतिविधियों का बोलबाला था। जिला प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों से इस क्षेत्र का कायाकल्प हुआ है और अब यह हरित एवं स्वच्छ वातावरण का उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि आज लगाए गए पौधे भविष्य में इस क्षेत्र को और अधिक हरा-भरा बनाएंगे तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा देंगे। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील की।
प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ईशा तिवारी ने बताया कि वर्ष 2026 के लिए जनपद गाजियाबाद को 10 लाख 22 हजार 300 पौधों के रोपण का लक्ष्य प्राप्त हुआ है और विभाग निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधारोपण करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर दो चरणों में 50 हजार पौधों का रोपण किया गया, जबकि शेष पौधों का रोपण जिले के 2100 से अधिक चिन्हित स्थलों पर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के दौरान राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने पाकड़ (पिलखन), विधायक संजीव शर्मा ने पीपल तथा जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ ने बरगद (वट) का पौधा लगाकर हरिशंकरी की स्थापना की। इसी प्रकार कार्यक्रम स्थल पर दो हरिशंकरी स्थापित की गईं। इसके अतिरिक्त डीएफओ ईशा तिवारी ने नीम तथा मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने महोगनी का पौधा रोपित किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक नागरिक पौधों के संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाए। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ, एसडीएम अरुण दीक्षित, जिला विद्यालय निरीक्षक बुद्ध प्रिय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव, स्थानीय पार्षद संतराम यादव, समाजसेवी सुभाष गुप्ता, उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. सलोनी, क्षेत्रीय वनाधिकारी निमि कुचिया, क्षेत्रीय वनाधिकारी अमित सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं, अभिभावक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम शर्मा ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उन्हें सुरक्षित रखने और गाजियाबाद को हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। आयोजन ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।



