“गृहे गृहे संस्कृतम्” योजना के जुलाईमासीय ऑनलाइन सत्रों का उद्घाटन

उज्ज्वल रस्तौगी मेरठ
“संस्कृत ही संस्कारों की भाषा है”
लखनऊ, 10 जुलाई 2026।
उत्तर प्रदेश शासन के स्वायत्तशासी उत्तरप्रदेशसंस्कृतसंस्थानम् द्वारा संचालित “गृहे गृहे संस्कृतम्” योजना के अंतर्गत संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षाओं के जुलाई मासीय सत्रों का उद्घाटन सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम में संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष चौहान एवं निदेशक प्रेमेन्द्र कुमार गुप्त भगवान सिंह चौहान तथा समन्वयक डा.अनिल गौतम ऑनलाइन रूप से उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम शताब्दी नगर माधव कुंज में स्थित डॉक्टर हेडगेवार छात्रावास में संपन्न हुआ।
छात्रावास प्रमुख संतराम सिंह जी ने कहा कि हमारे यहां आयोजित शिविर में संस्थान द्वारा प्रेषित शिक्षिका सोनिका रानी इस शिविर के माध्यम से संस्कृत सीखायेंगी।
संस्कृत को व्यवहार में लाने की आवश्यकता है। गृहे गृहे संस्कृतम् योजना संस्कृत भाषा के संरक्षक के रूप में अनवरत कार्य कर रही है। संस्कृत शिक्षण को केवल व्याकरण तक सीमित न रखकर संवाद, कहानी, गीत, अभिनय, खेल तथा तकनीकी माध्यमों से जोड़ा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में सरस्वती वंदना मनु ने संस्थान गीतिका काव्य ध्येय मंत्र ओम शान्ति मंत्र आर्यन तथा नरेंद्र मयंक भविष्य कार्तिक अनमोल शिवा कुणाल ध्रुव आदि उपस्थित रहे।




