बारिश भी नहीं डिगा पाई रामभक्तों की आस्था, जलभराव के बीच गूंजे जय श्रीराम के जयकारे
गाजियाबाद। बारिश से रामलीला मैदानों में हुए जलभराव ने आयोजकों की मुश्किलें बढ़ा दीं, लेकिन रामभक्तों की आस्था पर इसका असर नहीं पड़ा। दिनभर मैदानों से पानी निकालने और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में जुटे आयोजकों की मेहनत रंग लाई। रात होते-होते रामलीला का मंचन शुरू हुआ तो मैदान एक बार फिर जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठे। राजनगर एक्सटेंशन, विजय नगर और घंटाघर समेत शहर के विभिन्न रामलीला मैदानों में जलभराव के बाद आयोजकों ने व्यवस्थाएं संभालने के लिए दिनभर मशक्कत की। बारिश के कारण मैदानों में पानी भरने और फिसलन होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका थी। ऐसे में नगर निगम के सहयोग से पानी निकालने के लिए पंप लगाए गए। मैदानों को चलने लायक बनाने के लिए मिट्टी और बालू डाली गई। मंच के आसपास श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आवाजाही को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं, ताकि निर्धारित समय पर रामलीला का मंचन कराया जा सके। राजनगर एक्सटेंशन रामलीला मैदान में जलभराव को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों के झूलों का संचालन बंद रखा गया। आयोजकों की प्राथमिकता मैदान में फिसलन और जलभराव के बीच श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखना रही। उन्होंने लोगों से फिसलन वाले स्थानों पर सावधानी बरतने और छोटे बच्चों को संभालकर रखने की अपील भी की। दिनभर की मेहनत के बाद रात में जब रामलीला के प्रसंग मंच पर जीवंत हुए तो श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दिया। बारिश से पैदा हुई परेशानियों के बावजूद मंचन जारी रहने से मैदानों में भक्ति का माहौल बना रहा। आयोजकों और नगर निगम की ओर से व्यवस्थाएं सुधारने के प्रयासों के बीच श्रद्धालु रामलीला देखने पहुंचे। जलभराव की चुनौती के बावजूद आयोजन जारी रहने से आस्था, सहयोग और तैयारियों की झलक देखने को मिली।



