ग़ाज़ियाबाद

सुंदरदीप इंजीनियरिंग कॉलेज में एआई इनेबल्ड आईडीएस पर कार्यशाला आयोजित

गाजियाबाद। डासना स्थित सुंदरदीप इंजीनियरिंग कॉलेज में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और साइबर सुरक्षा की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराने के उद्देश्य से गुरुवार को ‘एआई इनेबल्ड आईडीएस : मॉडर्न टूल्स एंड टेक्नीक्स, डिप्लॉयमेंट चॉइसेज़ एंड फ्यूचर ट्रेंड्स’ विषय पर तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया गया। 28 सितंबर को आयोजित कार्यशाला में आईआईआईटी सोनीपत से आए विशेषज्ञ डॉ. भूपेश सिंह भाटी ने विद्यार्थियों को एआई आधारित सुरक्षा प्रणालियों और उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान डॉ. भूपेश सिंह भाटी ने एआई इनेबल्ड इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (आईडीएस), आधुनिक टूल्स एवं तकनीकों, आईडीएस की विभिन्न डिप्लॉयमेंट चॉइसेज और साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में उभरते भविष्य के रुझानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में एआई और साइबर सुरक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। वास्तविक परिस्थितियों में इन तकनीकों का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है, इसकी भी उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से जानकारी दी। विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को एआई आधारित सिक्योरिटी सॉल्यूशंस, इंट्रूजन डिटेक्शन तकनीकों और विभिन्न डिप्लॉयमेंट अप्रोच के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि साइबर खतरों की बदलती प्रकृति को देखते हुए सुरक्षा प्रणालियों में आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। एआई की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला को विद्यार्थियों ने काफी रुचि के साथ सुना। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने एआई आधारित सुरक्षा समाधान, इंट्रूजन डिटेक्शन तकनीक, डिप्लॉयमेंट विकल्प और भविष्य की तकनीकों से जुड़े कई सवाल पूछे। विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का विस्तार से समाधान करते हुए उन्हें तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों और संभावनाओं से भी अवगत कराया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी देना ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना भी रहा। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक तरीकों और तकनीकी चुनौतियों को समझने का अवसर मिला। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के विशेषज्ञ सत्र विद्यार्थियों को बदलती तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष वंदना शर्मा के मार्गदर्शन एवं सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। कार्यशाला का समन्वय एवं धन्यवाद ज्ञापन विभोर गुप्ता ने किया, जबकि स्वाति नगर ने एंकरिंग की। कॉलेज के सहायक प्राध्यापकों ने भी आयोजन की सफलता में सक्रिय योगदान दिया। सुंदरदीप एजुकेशनल सोसायटी के चेयरमैन एवं एसजीयूके के कुलाधिपति महेंद्र अग्रवाल, एसडीजीआई ग्लोबल यूनिवर्सिटी के उपकुलाधिपति नितिन अग्रवाल, उपाध्यक्ष अखिल अग्रवाल, प्रो-चांसलर विमल कुमार शर्मा, प्रो-चांसलर (प्रशासन) पियूष श्रीवास्तव तथा कुलपति प्रो. (डॉ.) प्रसनजीत कुमार ने कार्यशाला की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीकी क्षेत्र में निरंतर सीखने और अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए उद्योग से जुड़े तकनीकी, ज्ञानवर्धक और कौशल विकास कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा सके।

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