ग़ाज़ियाबाद

जन समस्याओं के समाधान में नगर निगम फिर बना यूपी नंबर वन, शिकायतकर्ता से लिया जा रहा फीडबैक

गाजियाबाद। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के मामले में गाजियाबाद नगर निगम ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) के तहत नगर निगम को प्रदेश के 17 नगर निकायों में नंबर वन स्थान मिला है। शिकायतों के निस्तारण में लगातार बेहतर प्रदर्शन के बाद मिली इस उपलब्धि से निगम अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह है। महापौर सुनीता दयाल ने नगर निगम की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि शहरवासियों की समस्याओं का समाधान निगम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। नगर निगम में जलकल, स्वास्थ्य, निर्माण, उद्यान, प्रकाश, कर, संपत्ति सहित विभिन्न विभाग प्रतिदिन प्राप्त होने वाली जन शिकायतों के समाधान के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। शिकायतों की प्रगति की निगरानी विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ अपर नगर आयुक्त, नगर आयुक्त और महापौर स्तर से भी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि वर्तमान समय में नागरिकों के पास अपनी समस्या नगर निगम तक पहुंचाने के लिए कई माध्यम उपलब्ध हैं। जनसुनवाई के अलावा नगर निगम के 311 एप, कॉल सेंटर, ई-मेल, सोशल मीडिया, समाचार पत्रों, पत्राचार, वाट्सऐप और आईजीआरएस के माध्यम से शिकायतें संबंधित विभागों तक पहुंच रही हैं। इन सभी संदर्भों पर विभागीय अधिकारी और संबंधित टीमें प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई कर रही हैं। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जा रहा है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत के समाधान के बाद संबंधित व्यक्ति से जानकारी प्राप्त की जाए कि उसे वास्तव में राहत मिली है या नहीं। इस व्यवस्था से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनाने में मदद मिल रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता वाली शिकायतों के लिए नगर निगम ने अलग से क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) गठित की है। यह टीम मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करती है। आधुनिक तकनीक और त्वरित सूचना तंत्र के माध्यम से शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने तथा कार्रवाई की निगरानी को आसान बनाया गया है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में विकास कार्यों को गति देने के साथ जन शिकायतों के निस्तारण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जा रहा है। आईजीआरएस में फिर से प्रदेश में पहला स्थान मिलना जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित टीमों के संयुक्त प्रयास का परिणाम माना जा रहा है। निगम प्रशासन ने इसी प्रदर्शन को आगे भी बनाए रखने के लिए सभी विभागों को शिकायतों के समाधान में तेजी और जवाबदेही के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। आईजीआरएस की शिकायतों का शासन स्तर से भी सीधे संज्ञान लिया जाता है। नगर निगम के अनुसार सितंबर माह में इस माध्यम से करीब 3000 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 2534 शिकायतों पर शासन स्तर से शिकायतकर्ताओं का सीधे फीडबैक लिया गया। शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया और प्राप्त फीडबैक के आधार पर गाजियाबाद नगर निगम प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। नगर निगम के प्रदर्शन में पिछले कुछ महीनों के दौरान भी लगातार सुधार देखने को मिला है। जून में गाजियाबाद नगर निगम आईजीआरएस में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था। जुलाई में तीसरा और अगस्त में पांचवां स्थान प्राप्त हुआ। इसके बाद सितंबर में एक बार फिर निगम ने पहला स्थान हासिल किया। अधिकारियों के मुताबिक नगर निगम लगातार प्रदेश के शीर्ष पांच निकायों में बना हुआ है। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि जन समस्याओं का समाधान नगर निगम की प्राथमिकता है। उन्होंने निगम अधिकारियों और कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए शिकायतों का समाधान निर्धारित समय में सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जन समस्याओं के समाधान में पार्षदों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है और उनके सहयोग से क्षेत्रीय समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने तथा उनका समाधान कराने में तेजी आती है। महापौर ने कहा कि नगर निगम की टीम प्रतिदिन प्राप्त होने वाली समस्याओं के समाधान के लिए कार्य कर रही है। जिला स्तर पर भी समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्था की गई है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शहरवासियों को किसी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button