डिलीवरी वाहनों पर परिवहन विभाग ने 36 निजी वाहन पकड़े

गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एग्रीगेटर एवं डिलीवरी सेवा प्रदाताओं के माध्यम से संचालित वाहनों के वैधानिक अभिलेखों की जांच में गुरुवार को परिवहन विभाग ने 36 निजी वाहनों के खिलाफ प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की है। जांच के दौरान निजी प्रयोग के लिए पंजीकृत वाहनों का व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया। परिवहन विभाग ने संबंधित वाहन स्वामियों और सेवा प्रदाता कंपनियों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) ने बताया कि एनसीआर में संचालित एग्रीगेटर एवं वितरण सेवा प्रदाताओं से जुड़े वाहनों के वैधानिक अभिलेखों के सत्यापन और विभागीय रिकॉर्ड को अद्यतन करने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत वाहनों के पंजीकरण, उनके अनुमन्य उपयोग और सेवा प्रदाता कंपनियों से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। उत्तर प्रदेश शासन के परिवहन अनुभाग-4 की ओर से उत्तर प्रदेश समूह एवं वितरण सेवा प्रदाता नियमावली, 2026 प्रख्यापित की गई है। नियमावली के तहत संबंधित समूह एवं वितरण सेवा प्रदाताओं के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीकरण कराया जाना अनिवार्य है। परिवहन विभाग की जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि कुछ संबंधित एग्रीगेटर कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में फ्लीट संचालन के लिए परिवहन आयुक्त से अपेक्षित लाइसेंस प्राप्त नहीं किया है। जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने पाया कि निजी प्रयोग के लिए पंजीकृत कुछ वाहनों का इस्तेमाल डिलीवरी एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किया जा रहा था। परिवहन विभाग ने ऐसे 36 वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की है। विभाग द्वारा संबंधित वाहनों और सेवा प्रदाता कंपनियों के अभिलेखों का सत्यापन कर आवश्यक विवरण जुटाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार निजी उपयोग के लिए पंजीकृत वाहन का व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल वाहन के पंजीकरण और अनुमन्य प्रयोजन से जुड़े नियमों के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामी के साथ संबंधित सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी भी तय किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। परिवहन विभाग ने एग्रीगेटर एवं डिलीवरी सेवा प्रदाता कंपनियों को उत्तर प्रदेश में संचालन से संबंधित आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण की औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनियों से उनके अधीन संचालित सभी वाहनों का पूरा विवरण विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसी क्रम में परिवहन कार्यालय में ब्लिंकिट, जोमैटो और बिगबास्केट के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। कंपनियों की ओर से विभाग को अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश में आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से कंपनियों के अभिलेखों और वाहनों से संबंधित जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। अधिकारियों ने कंपनियों को यह भी निर्देश दिया है कि उनके अधीन संचालित सभी वाहनों का उपयोग उनके पंजीकरण और अनुमन्य प्रयोजन के अनुरूप ही किया जाए। वाहनों के वैधानिक दस्तावेज अद्यतन रखने के साथ ही विभागीय जांच के दौरान मांगी जाने वाली जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। परिवहन विभाग ने सभी एग्रीगेटर कंपनियों, समूह एवं वितरण सेवा प्रदाताओं और वाहन स्वामियों से अपील की है कि उत्तर प्रदेश में लागू नियमों के अनुसार आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण प्राप्त करें। निजी प्रयोग के लिए पंजीकृत वाहनों का अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग नहीं किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहनों के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग अथवा लागू नियमों के उल्लंघन की स्थिति में नियमानुसार प्रवर्तनात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। वाहन स्वामियों और सेवा प्रदाता कंपनियों को सड़क सुरक्षा, वैधानिक अनुपालन और निर्धारित संचालन व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।



