जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक, निर्धारित मानकों के आधार पर तैयार किए गए प्रस्तावों पर बनी सहमति

गाजियाबाद। जिले में मतदान केंद्रों के संभाजन की प्रक्रिया को पारदर्शी और मतदाताओं की सुविधा के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सोमवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बूथों के संभाजन के प्रस्तावों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने सहमति जताई। बैठक में विधानसभा क्षेत्रवार प्रस्तावों की समीक्षा की गई और निर्धारित मानकों के आधार पर स्वीकार तथा अस्वीकार किए गए प्रस्तावों की जानकारी साझा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बूथों का निर्धारण करते समय मतदाताओं की सुविधा और आवश्यक न्यूनतम सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। यथासंभव मतदान केंद्र सरकारी भवनों में बनाए जाएं। जरूरत पडऩे पर बड़ी सोसाइटियों और बहुमंजिला आवासीय परिसरों में भी बूथ स्थापित किए जा सकते हैं। वहीं, निष्प्रयोज्य घोषित भवनों में बूथ नहीं बनाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में बूथों के संभाजन को लेकर प्राप्त प्रस्तावों का विवरण प्रस्तुत किया। प्रशासन की ओर से बूथों की सूची जिला एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड कर आमजन से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त सुझावों और निर्धारित मानकों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों पर सहमति जताते हुए प्रशासन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व में उठाए गए कई ऐसे मुद्दों का समाधान इस बार बूथों के संभाजन की प्रक्रिया में किया गया है, जिन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी थी। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) को सक्रिय करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाए, जिनका नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं है। साथ ही, उन क्षेत्रों को भी चिह्नित किया जाए, जहां पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल होने से छूट गए हैं। उन्होंने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर पात्र नागरिकों से मतदाता पंजीकरण के लिए फॉर्म भरवा रहे हैं। इस अभियान में राशन विक्रेताओं, पार्षदों, ग्राम प्रधानों, सचिवों और अन्य संबंधित लोगों का सहयोग भी लिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने आगामी 12 नवंबर से शुरू होने वाली विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसएसआर) प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए राजनीतिक दलों से सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और समावेशी बनाया जा सकता है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।


