धान क्रय केंद्र शुरू न होने से मंडी में पसरा सन्नाटा

खुले में पड़े किसानों के धान पर बारिश का खतरा, सरकारी खरीद का इंतजार
वेलकम इंडिया पीलीभीत
पूरनपुर/पीलीभीत।मंडी समिति में धान की आवक शुरू हो गई है, लेकिन सरकारी धान क्रय केंद्र चालू न होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान खेतों से धान की उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, मगर सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण उन्हें अपनी फसल खुले में रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। मौसम में बारिश की संभावना के बीच खुले में पड़े धान को लेकर किसानों की चिंता और बढ़ गई है।बताया जा रहा है कि सामान्य तौर पर सरकारी धान खरीद एक अक्टूबर से शुरू हो जाती थी, लेकिन इस बार खरीद की तारीख बढ़ाकर 15 अक्टूबर कर दी गई है। ऐसे में मंडी में धान लेकर पहुंच रहे किसानों को कई दिनों तक खरीद शुरू होने का इंतजार करना पड़ सकता है। मंडी परिसर में जगह-जगह किसानों के धान के ढेर दिखाई दे रहे हैं। खुले आसमान के नीचे पड़ी फसल पर बारिश का खतरा मंडरा रहा है।किसानों का कहना है कि धान की कटाई के बाद उसे लेकर मंडी पहुंचना मजबूरी है। सरकारी केंद्र शुरू नहीं होने से उन्हें उपज सुरक्षित रखने के साथ ही उचित मूल्य मिलने की चिंता सता रही है। बारिश होने पर धान भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं, सरकारी खरीद का इंतजार कर रहे कुछ किसानों के सामने फसल को कम कीमत पर आढ़तियों के हाथ बेचने की मजबूरी भी बताई जा रही है।अन्नदाता किसान यूनियन के प्रदेश सचिव बलजिंदर सिंह ने कहा कि किसान लगातार धान लेकर मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। मंडी में खुले में धान के ढेर लगे हैं। यदि बारिश हुई तो किसानों की मेहनत की कमाई को नुकसान हो सकता है।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सरकारी धान क्रय केंद्र जल्द शुरू कराए जाएं और खरीद व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें खुले में फसल रखने की मजबूरी से राहत मिले।



