हादसे में घायल तड़पता रहा, अस्पताल पहुंचने में देरी ने उठाए सवाल-एक दिन पहले भी घायल स्कूटी सवार की इलाज में देरी के बीच हुई थी मौत
गाजियाबाद। शहर में सड़क हादसों के बाद घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। सिद्धार्थ विहार क्षेत्र निवासी 20 वर्षीय दयाशंकर की मंगलवार रात डीपीसी चौराहे के पास कैंटर की टक्कर से मौत हो गई। दयाशंकर ब्लिंकिट में राइडर था और हादसे के समय बाइक से चौराहे से गुजर रहा था। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल दयाशंकर को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक मूलरूप से संभल जिले के रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव सुंदरपुर का रहने वाला था। हादसे की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई विशेष ने हादसे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दयाशंकर हादसे के बाद करीब 30 मिनट तक सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा तड़पता रहा, लेकिन मौके पर एंबुलेंस नहीं पहुंची। बाद में डायल-112 की गाड़ी से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। विशेष ने पुरानी रंजिश का हवाला देते हुए एक व्यक्ति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि दयाशंकर की हत्या कर घटना को सड़क हादसे का रूप देने की साजिश की गई है। हालांकि, पुलिस स्तर पर अभी तक हादसे में कैंटर की टक्कर से दयाशंकर के घायल होने की बात सामने आई है। हत्या के आरोपों की पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारण और मृतक के भाई की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। हादसे के बाद घायल को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर लगातार दूसरे दिन सवाल खड़े हुए हैं। सोमवार देर रात भी सड़क हादसे में घायल 38 वर्षीय स्कूटी सवार देवेंद्र को अस्पताल पहुंचाने में देरी की बात सामने आई थी। उपचार में देरी के बीच उनकी मौत हो गई थी। दो दिनों में सामने आई इन घटनाओं ने सड़क हादसों के बाद गोल्डन ऑवर में घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के बाद शुरुआती कुछ मिनट घायल की जान बचाने में बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। ऐसे में एंबुलेंस के समय पर पहुंचने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर गंभीरता से समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। फिलहाल पुलिस दयाशंकर के मामले में हादसे की जांच कर रही है। परिजनों के आरोपों और हादसे की परिस्थितियों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला महज सड़क हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी।



