हापुड़ चुंगी से गूंजी देशभक्ति की हुंकार, तिरंगा पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

गाजियाबाद। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हापुड़ चुंगी चौराहे से राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत भव्य तिरंगा पदयात्रा निकाली गई। प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन एवं विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता, पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लिए लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से पूरे क्षेत्र को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते हुए देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा का संकल्प लिया। इसके बाद तिरंगे हाथों में लेकर पदयात्रा शुरू हुई। पदयात्रा में शामिल लोगों ने स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
संस्थाओं के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का दिन है। आजादी असंख्य वीरों के त्याग और बलिदान से मिली है। सभी नागरिकों का दायित्व है कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने के साथ समाज में भाईचारा, सद्भाव और प्रेम की भावना को बढ़ावा दें। प्राइवेट चिकित्सक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एके जैन ने कहा कि चिकित्सक समाज का महत्वपूर्ण अंग हैं और स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं को भी युवाओं में राष्ट्रभक्ति, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए आगे आना चाहिए। तिरंगा पदयात्रा के दौरान भारत माता और स्वतंत्रता सेनानियों के जयकारे लगाए गए। लोगों ने देश की प्रगति, समृद्धि और शांति के लिए मंगलकामना की। आयोजकों ने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास से जोडऩे और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में चिकित्सक, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में ‘जय हिंद, जय भारतÓ का उद्घोष करते हुए राष्ट्र की सेवा और सम्मान का संकल्प लिया।


