ग़ाज़ियाबाद

4.48 करोड़ से संवरेगा गोल चक्कर, बदलेगी पूरे इलाके की तस्वीर-आधुनिक डिजाइन, हरियाली और हाईटेक लाइटिंग से सजेगा पॉकेट-सी का प्रमुख चौराहा

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने मधुबन बापूधाम योजना के पॉकेट-सी को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। क्षेत्र के प्रमुख गोल चक्कर के निर्माण एवं व्यापक सुंदरीकरण के लिए 4.48 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना का टेंडर जारी कर दिया गया है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल यातायात व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, बल्कि पूरे क्षेत्र की पहचान एक आधुनिक और विकसित आवासीय क्षेत्र के रूप में स्थापित होगी। जीडीए की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य केवल गोल चक्कर का निर्माण करना नहीं, बल्कि पूरे चौराहे को आधुनिक शहरी सुविधाओं, बेहतर सौंदर्यीकरण, हरित विकास और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित करना है। परियोजना के तहत चौराहे को ऐसा स्वरूप दिया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र का प्रमुख आकर्षण बन सके और यहां से गुजरने वाले लोगों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। प्राधिकरण द्वारा जारी निविदा के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत 4.48 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। इच्छुक एजेंसियां 18 अगस्त तक अपनी निविदाएं जमा कर सकेंगी, जबकि 20 अगस्त को तकनीकी बोलियां खोली जाएंगी। चयनित कार्यदायी संस्था को कार्यादेश जारी होने के बाद 360 दिनों के भीतर पूरे निर्माण एवं सुंदरीकरण का कार्य पूरा करना होगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ स्थानीय नागरिकों और दैनिक आवागमन करने वाले हजारों लोगों को मिलेगा। वर्तमान में इस क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव के कारण कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। गोल चक्कर के वैज्ञानिक डिजाइन और सुव्यवस्थित निर्माण से वाहनों का संचालन अधिक सुचारु होगा, यातायात का दबाव कम होगा तथा सड़क दुर्घटनाओं की संभावना में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
योजना के अंतर्गत चौराहे पर आकर्षक लैंडस्केपिंग, हरियाली, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण के अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। रात के समय बेहतर रोशनी से क्षेत्र अधिक सुरक्षित दिखाई देगा, वहीं हरित वातावरण से स्थानीय लोगों को स्वच्छ एवं सुखद परिवेश का अनुभव मिलेगा। इससे मधुबन बापूधाम की समग्र शहरी छवि भी बेहतर होगी। स्थानीय निवासियों का मानना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में बेहतर यातायात व्यवस्था और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। जीडीए की इस पहल से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आसपास की कॉलोनियों और व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। बेहतर आधारभूत सुविधाओं से क्षेत्र के विकास को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। जीडीए के मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि यह परियोजना मधुबन बापूधाम को आधुनिक, सुव्यवस्थित और बेहतर शहरी सुविधाओं से युक्त आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता है कि नागरिकों को सुरक्षित सड़कें, बेहतर यातायात व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शहरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को तैयार किया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि निर्धारित समयावधि में कार्य पूरा होने के बाद मधुबन बापूधाम के पॉकेट-सी का यह चौराहा केवल यातायात प्रबंधन का केंद्र नहीं रहेगा, बल्कि अपनी आधुनिक डिजाइन, हरियाली और आकर्षक स्वरूप के कारण गाजियाबाद के प्रमुख विकसित स्थलों में भी शामिल होगा। इससे क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी और यहां रहने वाले हजारों परिवारों को बेहतर यातायात, सुरक्षित वातावरण तथा आधुनिक शहरी सुविधाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

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