दिसंबर तक पूरा होगा अधूरा जल जीवन मिशन, 147 गांवों को पेयजल से जोडऩे के लिए स्वीकृत हैं 128 योजनाएं

गाजियाबाद। महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में शुक्रवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में जल जीवन मिशन के तहत जनपद में निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं और जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करने के साथ ही जिन योजनाओं से जलापूर्ति शुरू हो चुकी है, उनमें लोगों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) ने बताया कि जनपद के 147 गांवों को पेयजल से आच्छादित करने के लिए 128 पेयजल योजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें से 64 पेयजल योजनाओं के सभी कार्य पूरे किए जा चुके हैं। इन योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव किया जा रहा है और इनके माध्यम से 72 गांवों में नियमित जलापूर्ति की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि शेष 64 पेयजल योजनाओं का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इनमें से 32 योजनाओं के अंतर्गत 40 गांवों में सीधे नलकूप के माध्यम से आंशिक जलापूर्ति भी की जा रही है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन पेयजल योजनाओं का संचालन शुरू हो चुका है, उनमें किसी भी स्थिति में जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। यदि किसी योजना में तकनीकी खराबी या अन्य कारणों से पानी की आपूर्ति रुकती है तो तत्काल मरम्मत कराकर जलापूर्ति सुचारू कराई जाए। उन्होंने योजनाओं के नियमित संचालन और रखरखाव पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने पाइप लाइन बिछाने के बाद पुनर्स्थापित की गई सड़कों की स्थिति की भी समीक्षा की। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जहां सड़क धंस गई है या पुनर्स्थापित सड़क किसी कारण से खराब हो गई है, वहां तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही इन कार्यों की थर्ड पार्टी एजेंसी से जांच कराने के निर्देश भी दिए गए। निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं को समय से पूरा कराने के लिए जिलाधिकारी ने पर्याप्त संख्या में मैनपावर लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को दिसंबर तक योजनाओं का निर्माण कार्य पूरा कराने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं के निर्माण में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को जल्द से जल्द नियमित पेयजल की सुविधा मिल सके। बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) जैपाल, सहायक अभियंता, कनिष्ठ अभियंता, नामित थर्ड पार्टी एजेंसी के प्रतिनिधि तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के समन्वयक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पेयजल योजनाओं की नियमित निगरानी और मौके पर जाकर प्रगति की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


