भिक्षावृत्ति में मिले चार बच्चे, रेस्क्यू कर पहुंचाया संरक्षण की राह पर

गाजियाबाद। निराश्रित, असहाय और भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मॉंदड़ के निर्देशन और जिला प्रोबेशन अधिकारी मनोज कुमार पुष्कर के मार्गदर्शन में संचालित अभियान के दौरान चौधरी मोड़ से भिक्षावृत्ति में लिप्त चार बच्चों का रेस्क्यू किया गया। बच्चों को आवश्यक संरक्षण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई। रेस्क्यू टीम ने चौधरी मोड़ के अलावा अन्य सार्वजनिक स्थलों का भी भ्रमण किया। इस दौरान राहगीरों, दुकानदारों, वाहन चालकों और आमजन से संवाद कर उन्हें ऐसे बच्चों के प्रति संवेदनशील रहने के लिए जागरूक किया गया। टीम ने लोगों से अपील की कि यदि कहीं कोई निराश्रित, बेसहारा, लावारिस, संकटग्रस्त अथवा भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चा दिखाई दे तो तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस या जिला प्रशासन को सूचना दें, जिससे बच्चे को समय रहते सहायता और संरक्षण मिल सके। अभियान में डीसीपीयू के जितेंद्र कुमार, संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक संजय कुमार, थाना एएचटी के उपनिरीक्षक आरिफ खान, हेड कांस्टेबल नीलम, हेड कांस्टेबल हेमलता और हेड कांस्टेबल मुनेन्द्र मोहन शर्मा ने भाग लिया। उम्मीद गैर सरकारी संगठन की ओर से नितिन कुमार, सोनू गिरी और दीपक कुमार ने भी अभियान में सहयोग किया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जरूरतमंद बच्चों के लिए चिकित्सा, परामर्श, पुनर्वास और आश्रय की विभिन्न व्यवस्थाएं संचालित हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि ऐसे बच्चों की जानकारी संबंधित विभागों को देकर उनके सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन में सहयोग करें। सामूहिक प्रयासों से ही बच्चों को भिक्षावृत्ति से निकालकर सुरक्षित वातावरण और समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है।



