अमरिया में आशा कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार, 23 अक्टूबर को राजधानी में महापड़ाव

13 सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग, सीएचसी प्रभारी को सौंपा ज्ञापन; मानदेय और बीमा राशि बढ़ाने पर जोर
वेलकम इंडिया पीलीभीत
अमरिया/पीलीभीत।विभिन्न मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन ने आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया है। सोमवार को यूनियन पदाधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी को ज्ञापन सौंपकर 23 अक्टूबर 2026 को राजधानी में प्रस्तावित महापड़ाव की जानकारी दी। कार्यकर्ताओं ने शासन से महापड़ाव से पहले उनकी मांगों का समाधान कराने की मांग की।यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि सात फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता में 13 सूत्रीय मांगों पर सहमति बनी थी। आरोप है कि सहमति के बावजूद मांगों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया। इससे आशा और आशा संगिनी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।यूनियन की प्रमुख मांगों में आशा कार्यकर्ताओं का आधारभूत मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने और इसके अलावा प्रोत्साहन राशि देने की मांग शामिल है। आशा संगिनियों के मानदेय में वृद्धि तथा राज्य वित्त से मिलने वाली 1500 रुपये की राशि को बढ़ाकर 7500 रुपये करने की मांग भी उठाई गई है। आयुष्मान कार्ड, आशा आईडी समेत विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों की लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान कराने की मांग की गई।
ज्ञापन में कैशलेस चिकित्सा सुविधा के लिए अतिरिक्त पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा देने तथा दुर्घटना बीमा की राशि दो लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग रखी गई। इसके अलावा चार माह का मातृत्व अवकाश, जीपीएफ/सीपीएफ की व्यवस्था और आशा संगिनियों को यात्रा भत्ता अथवा दोपहिया वाहन उपलब्ध कराने की मांग भी शामिल है।
यूनियन ने आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए पूरनपुर सीएचसी की आशा कार्यकर्ताओं पर प्रदर्शन के संबंध में दर्ज मुकदमा समाप्त करने की मांग भी रखी। साथ ही 45वें और 46वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशें लागू करने की मांग की गई।
यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 23 अक्टूबर को राजधानी में महापड़ाव किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान अमरिया क्षेत्र की समस्त आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं।



