मानसीगंगा सुरक्षा व्यवस्था की मांग तेज, स्थानीय लोगों का मिल रहा समर्थन
-दूसरे दिन भी जारी रहा आमरण अनशन
मथुरा/गोवर्धन। मानसीगंगा में श्रद्धालुओं की लगातार हो रही डूबने की घटनाओं के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता विनोदी सिंह चौधरी का आमरण अनशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन को अब धार्मिक और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलने लगा है। हरदेव मंदिर के सेवायत एवं अधिवक्ता डॉ. केशवाचार्य गोस्वामी अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलन के समर्थन में स्वयं भी आमरण अनशन पर बैठ गए।
डॉ. केशवाचार्य गोस्वामी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र मानसीगंगा की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों के विकास की बात की जाती है, लेकिन मानसीगंगा जैसे महत्वपूर्ण तीर्थ पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम अब तक नहीं किए गए। उनका कहना था कि लगातार हो रही दुर्घटनाएं प्रशासन की गंभीर उदासीनता को दर्शाती हैं। जब तक स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक उनका समर्थन और अनशन जारी रहेगा।
अनशनकारी विनोदी सिंह चौधरी ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति या विभाग के खिलाफ नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के जीवन की सुरक्षा के लिए है। उन्होंने मांग की कि मानसीगंगा के सभी संवेदनशील घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग कराई जाए, चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी तैनाती की जाए तथा पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों और आधुनिक निगरानी व्यवस्था की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि बीते एक माह के दौरान मानसीगंगा में डूबने से कई श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया। इससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी बनी हुई है।
अनशन स्थल पर राजकुमार लवानिया, मनीष मोहन शर्मा, राहुल मोहन शर्मा, प्रेमचंद शर्मा, लकी ठाकुर, सुनील शर्मा, पवन स्वामी, डालचंद, टीटू शर्मा, सुनील शर्मा, रिंकू सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे तथा आंदोलन को अपना समर्थन दिया।


