ग़ाज़ियाबाद

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना पर विशेष गोष्ठी, जनप्रतिनिधियों ने सौर ऊर्जा अपनाने का किया आह्वान

-विकास भवन में लगी प्रदर्शनी में जनकल्याणकारी योजनाओं की दी गई जानकारी, सौर ऊर्जा कंपनियों ने लगाए जागरूकता स्टॉल

गाजियाबाद। भारत सरकार के सेवा, सुशासन एवं गरीब कल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकास भवन परिसर में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना विषयक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, ऊर्जा विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों के कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। गोष्ठी में सौर ऊर्जा को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक संख्या में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना से जुडऩे का आह्वान किया गया। विकास भवन परिसर में 17 जून से 19 जून तक आयोजित प्रदर्शनी एवं जनजागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाना था। अंतिम दिन आयोजित गोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक अजीत पाल त्यागी एवं भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष मयंक गोयल मौजूद रहे। कार्यक्रम में परियोजना निदेशक डीआरडीए, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) के परियोजना अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके बाद नेडा के परियोजना अधिकारी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के माध्यम से आम नागरिक अपने घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाकर बिजली के खर्च में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। उन्होंने योजना के तहत मिलने वाली सरकारी सब्सिडी, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया, तकनीकी मानकों तथा सौर ऊर्जा के पर्यावरणीय और आर्थिक लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। गोष्ठी के दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) ने उपस्थित लोगों को योजना के अंतर्गत उपलब्ध बैंक ऋण सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थी सरल प्रक्रिया के माध्यम से बैंक से ऋण प्राप्त कर अपने घरों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली को भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार रखा गया है ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत कार्य कर रही विभिन्न अधिष्ठापना एजेंसियों ने भी अपने स्टॉल लगाए। दिव्या पावर, धरती सोलर, केएसएन सोलर, वीवोल्ट, ओन नेटवर्क सहित अन्य कंपनियों के विशेषज्ञों ने नागरिकों को सौर संयंत्रों की स्थापना, रखरखाव, तकनीकी विशेषताओं, सब्सिडी प्रक्रिया तथा बिजली बचत से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। बड़ी संख्या में लोगों ने स्टॉलों पर पहुंचकर विशेषज्ञों से चर्चा की और योजना से जुड़ी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। इससे कार्यक्रम में जनजागरूकता का वातावरण देखने को मिला।
मुख्य अतिथि विधायक अजीत पाल त्यागी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश और उत्तर प्रदेश विकास, सुशासन तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते वर्षों में विद्युत व्यवस्था, सौर ऊर्जा, कानून-व्यवस्था, औद्योगिक विकास और इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। आज प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहले की तुलना में कहीं बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई है तथा विद्युत अवसंरचना को मजबूत करने के लिए नए उपकेंद्र, ट्रांसफार्मर और आधुनिक तकनीकों का विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है। इस योजना के माध्यम से लोग अपने बिजली बिल में भारी कमी ला सकते हैं और अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर आय का स्रोत भी विकसित कर सकते हैं। साथ ही स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिलने से पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। विधायक ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। अपने संबोधन में उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, औद्योगिक निवेश और रोजगार के क्षेत्र में हुए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियां भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, जिनसे प्रदूषण में कमी आएगी और सतत विकास को गति मिलेगी।  

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