गाजियाबाद कॉन्क्लेव में नन्द बाबा दुग्ध मिशन की योजनाओं से पशुपालकों को किया गया जागरूक-डेयरी विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने पर विकास भवन में आयोजित हुआ भव्य डेयरी कॉन्क्लेव

गाजियाबाद। प्रदेश सरकार द्वारा डेयरी विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को विकास भवन स्थित दुर्गादेवी सभागार में डेयरी कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया गया। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में नन्द बाबा दुग्ध मिशन सहित प्रदेश सरकार की विभिन्न पशुपालन एवं डेयरी विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी पशुपालकों को दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य डेयरी व्यवसाय को आधुनिक तकनीक, सरकारी सहायता और स्वदेशी गोवंश संरक्षण से जोड़ते हुए पशुपालकों की आय बढ़ाना रहा। मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने पूर्व लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं से मिले लाभों की जानकारी ली तथा नए आवेदकों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ डेयरी व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के चयनित लाभार्थियों को चयन पत्र भी वितरित किए और कहा कि सरकार पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। कॉन्क्लेव में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.पी. पाण्डेय, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक बुध राम, कृषि विभाग की शताक्षी मिश्रा, जिला प्रोबेशन विभाग की नेहा वालिया तथा नेडा के प्रोजेक्ट ऑफिसर जावेद खान ने अपने-अपने विभागों की योजनाओं एवं उनके लाभों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान सहित कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिबंश सिंह ने मिशन के तहत संचालित योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं डॉ. सौरभ कुमार ने जूनोटिक रोगों की रोकथाम पर प्रकाश डाला। देशी गोपालक एवं डेयरी उद्यमी असीम रावत ने देशी गोवंश पालन, जैविक उत्पादों और उनके आर्थिक महत्व पर अपने अनुभव साझा किए। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (सदर) डॉ. मोनिका गुप्ता ने पशुओं में बढ़ती बांझपन की समस्या, उसके समाधान, समय पर टीकाकरण तथा ईयर टैगिंग के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए पशुपालकों से इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी की अपील की। कार्यक्रम के अंत में डेयरी विभाग के अशोक भाटी एवं रेनू मिश्रा ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं उपस्थित पशुपालकों का आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में पहुंचे पशुपालकों ने विभागीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर डेयरी व्यवसाय को अधिक आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।



