कांवडिय़ों की थाली पर प्रशासन की नजर, मिलावटखोरों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई-नकली दवाओं के कारोबार पर भी शिकंजा, यूपी-उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने अवैध फैक्टरी पकड़ी; बड़ी मात्रा में दवाएं और मशीनरी बरामद

गाजियाबाद। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को शुद्ध, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए गाजियाबाद जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों और मानकविहीन खाद्य पदार्थ बेचने वालों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीमें कांवड़ मार्गों, शिविरों, भोजनालयों, ढाबों और अस्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों की लगातार जांच कर रही हैं। इसी अभियान के तहत गणेशपुरी भाटी चौक और लोनी के आर्यनगर क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। वहीं नकली दवाओं के कारोबार के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने देहरादून में अवैध नकली औषधि निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि श्रद्धालुओं और आमजन की सेहत के साथ किसी भी स्तर पर खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिलावटी, नकली और मानकविहीन खाद्य एवं औषधीय उत्पादों का निर्माण या बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गणेशपुरी भाटी चौक, शालीमार गार्डन स्थित घनश्याम चाप निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। जांच के दौरान यहां खाद्य पदार्थों का निर्माण अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में होता पाया गया। निरीक्षण टीम ने मौके से सोया चाप और मैदा के नमूने जांच के लिए संग्रहित किए। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से कार्रवाई करते हुए मौके पर करीब 200 किलोग्राम सोया चाप नष्ट कराई गई। इसके साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान के पंजीकरण को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। विभाग की कार्रवाई से खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने लोनी क्षेत्र के आर्यनगर स्थित एक चाप निर्माण इकाई पर छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान संचालक वैध खाद्य लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में स्वच्छता संबंधी मानकों का भी उल्लंघन पाया गया। टीम ने खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए लिए और इकाई का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कराने के निर्देश दिए। खाद्य सुरक्षा के साथ जिला प्रशासन की निगरानी नकली दवाओं के कारोबार पर भी बनी हुई है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय अभियान के तहत देहरादून में संचालित एक अवैध नकली औषधि निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में नकली दवाएं, दवाओं की पैकिंग सामग्री और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी बरामद की गई। मामले में संबंधित आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की गई है। प्रशासन का कहना है कि नकली दवाओं का कारोबार सीधे लोगों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर अपराध है, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने जनपदवासियों से अपील की कि यदि उन्हें मिलावटखोरी, नकली खाद्य पदार्थ, नकली दवाओं या किसी अन्य मानकविहीन उत्पाद के निर्माण और बिक्री की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग या जिला प्रशासन को दें। समय रहते सूचना मिलने से न केवल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी, बल्कि संभावित स्वास्थ्य जोखिम और जनहानि को भी रोका जा सकता है। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों से भी विशेष सहयोग की अपेक्षा की। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि पत्रकारों के संज्ञान में मिलावटखोरी या नकली खाद्य एवं औषधि से जुड़ी कोई सूचना आती है तो उसे प्रशासन तक जरूर पहुंचाएं। जनहित और जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में गलत गतिविधियों को अनदेखा करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराने में प्रशासन का सहयोग किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ मार्गों के साथ शिविरों, भोजनालयों, ढाबों और अस्थायी खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण जारी रखा जाए। उन्होंने कहा कि खाद्य एवं औषधीय उत्पादों में मिलावट या मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और आमजन के स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। जांच और कार्रवाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को न केवल सुरक्षित और सुगम माहौल मिले, बल्कि उन्हें मिलने वाला भोजन और अन्य खाद्य सामग्री भी पूरी तरह सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण हो।


