आवारा कुत्तों के झुंड से दहशत में शहरवासी, बच्चों और बुजुर्गों का निकलना मुश्किल

वेलकम इण्डिया/असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। शहर और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।जगह-जगह सड़कों और गलियों में कुत्तों के झुंड घूमते नजर आ रहे हैं। इनके कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का अकेले घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर आवारा कुत्ते राहगीरों और बच्चों का पीछा करते हैं और अचानक हमला करने की कोशिश करते हैं। इससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। विशेषकर सुबह और देर शाम घर से निकलने वाले लोगों को कुत्तों के झुंड का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों के मुताबिक, आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। कुछ वर्ष पहले जिले में खूंखार कुत्तों के झुंड द्वारा एक बच्ची को शिकार बनाए जाने की घटना भी सामने आई थी। इसके बावजूद आवारा कुत्तों की समस्या से स्थायी निजात नहीं मिल सकी है।शहरवासियों ने नगर निकाय प्रशासन से आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या का तत्काल समाधान कराने, नसबंदी व टीकाकरण अभियान चलाने तथा संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की मांग की है।लोगों का कहना है कि अब यह केवल परेशानी नहीं, बल्कि जनसुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है।



