एमआईटी में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे शिक्षाविद

उज्ज्वल रस्तौगी मेरठ
- एआई, डेटा साइंस और रिन्यूएबल एनर्जी समेत समकालीन विषयों पर मंथन, 148 शोध पत्र हुए शामिल
मेरठ। परतापुर बाईपास स्थित मेरठ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) में शुक्रवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवीनतम नवाचारों पर आधारित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। मेरठ उद्यमी फाउंडेशन एवं एमआईटी के अप्लाइड साइंस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और उद्योग विशेषज्ञों ने सहभागिता कर विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध एवं विकास पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि आईआईटी दिल्ली के प्रो. (डॉ.) अनुराग शर्मा, कैंपस निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान, प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा, प्रिंसिपल (फार्मेसी) डॉ. नीरज कांत शर्मा, सम्मेलन संयोजक डॉ. गौरव शर्मा तथा मीडिया हेड अजय चौधरी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों ने सम्मेलन की शोध पत्रिका (कॉन्फ्रेंस प्रोसीडिंग्स) का भी विमोचन किया।
सम्मेलन के प्रथम दिन कुल 75 शोध पत्रों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जबकि दो दिवसीय आयोजन में कुल 148 शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अनुराग शर्मा ने विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अनुसंधान के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ शोध भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि “रिसर्च किसी भी राष्ट्र की प्रगति की रीढ़ होती है। नवाचार, वैज्ञानिक सोच और नई तकनीकों के माध्यम से ही देश विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। युवाओं को अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़कर वैश्विक चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करने चाहिए।”
कैंपस निदेशक डॉ. के.एल.ए. खान ने कहा कि एमआईटी भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के शैक्षणिक एवं शोध कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक विशेषज्ञों से सीखने और शोध संस्कृति को मजबूत करने का अवसर प्राप्त हो सके।
सम्मेलन संयोजक डॉ. गौरव शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में साइंस एंड टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस, रिन्यूएबल एनर्जी, एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग तथा इमर्जिंग रिसर्च एरियाज जैसे समकालीन विषयों पर शोध प्रस्तुत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रस्तुत 148 शोध पत्रों में दक्षिण अमेरिका, मलेशिया और स्पेन सहित कई देशों के शोधकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में दिल्ली, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित देशभर के शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का आयोजन हाइब्रिड मोड में किया गया है, जिससे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सहभागिता कर रहे हैं।


