जिलाधिकारी वाराणसी सत्येन्द्र के निर्देश पर एसीएम तृतीय विजय कुमार त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं का ज्ञापन किया प्राप्त

(संतोष कुमार सिंह )
वाराणसी :- राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में जंतर-मंतर से आयोजित धरना-प्रदर्शन, संसद मार्च एवं उससे संबंधित घटनाक्रम की उच्च स्तरीय जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की मांग को लेकर 23 जुलाई गुरुवार को अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने वाराणसी के जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा | जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विजय त्रिवेदी ने ज्ञापन प्राप्त किया | ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई | इस अवसर पर अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी संयोजक भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ,काशी क्षेत्र एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष,दि बनारस बार एसोसिएशन ने कहा कि वह 17 जुलाई 2026 से ही इस पूरे प्रकरण के संबंध में लगातार विभिन्न सक्षम अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र प्रेषित कर रहे थे तथा समय रहते इस विषय की गंभीर जांच एवं आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग कर रहे थे |
ज्ञापन में वरिष्ठिवक्ता राजेश त्रिवेदी ने आरोप लगाया गया कि कॉकरोच पार्टी द्वारा दिल्ली में आयोजित कथित अवैध प्रदर्शन के दौरान अराजक तत्वों ने देश के प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास क्षेत्र की घेराबंदी करने तथा संसद की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास किया | प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर सभी दोषी व्यक्तियों, आयोजकों एवं सहयोगियों की पहचान की जाए तथा उनके विरुद्ध भारतीय कानूनों के अनुसार कठोर वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए | राजस्व बार के संरक्षक जितेंद्र तिवारी ने कहा कि साथ ही यदि जांच में किसी प्रकार की सुनियोजित साजिश,विदेशी अथवा अन्य अवैध वित्तीय सहयोग, डिजिटल समन्वय या विधि-विरुद्ध गतिविधियों की भूमिका सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों एवं संगठनों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए |
ज्ञापन सौंपने के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश त्रिवेदी, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राजस्व बार के संरक्षक जितेंद्र तिवारी,आशुतोष शुक्ला,आशुतोष सक्सेना,मोनी श्रीवास्तव,दीपक वर्मा,गुलशन मिश्रा, सौरभ मिश्रा,सुजीत कुमार सिंह पटेल सहित सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे | सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा,संविधान की गरिमा तथा राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की हिंसा,अराजकता अथवा संवैधानिक संस्थाओं की सुरक्षा को चुनौती देने वाले कृत्यों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जानी चाहिए |
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि उक्त ज्ञापन को भारत सरकार एवं संबंधित सक्षम अधिकारियों को तत्काल प्रेषित किया जाए ताकि समयबद्ध एवं प्रभावी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित हो सके | एसीएम तृतीय विजय कुमार त्रिपाठी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ज्ञापन को नियमानुसार अग्रेषित कर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित स्तर पर भेजा जाएगा |
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की उपस्थिति ने राष्ट्रीय सुरक्षा,संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा तथा विधि के शासन के प्रति अधिवक्ता समाज की प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त किया ||


