स्वास्थ्य

हापुड़ में उन्नत किडनी उपचार की नई उपलब्धि: सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में जटिल एवी फिस्टुला सर्जरी सफल 

हरेन्द्र शर्मा

हापुड़ जनपद के पिलखुवा मेंउत्तर प्रदेश पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल (SIMS), हापुड़ ने एक जटिल आर्टेरियोवेनस (एवी) फिस्टुला सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की है। यह उपलब्धि न केवल संस्थान की उन्नत चिकित्सा क्षमता को दर्शाती है, बल्कि क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) से जूझ रहे मरीजों के लिए बेहतर और सुलभ उपचार का मार्ग भी प्रशस्त करती है।उक्त सर्जरी एक 47 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जो पिछले कई महीनों से क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ से पीड़ित थीं और जनवरी माह से नियमित रूप से सप्ताह में दो बार हीमोडायलिसिस प्राप्त कर रही थीं। मरीज टाइप 2 डायबिटीज़ मेलिटस से भी ग्रसित थीं, जिसके कारण उनकी रक्त वाहिकाएं अत्यंत कमजोर हो चुकी थीं। अस्पताल में भर्ती के समय मरीज को पूरे शरीर में सूजन (जनरलाइज्ड एडीमा), थकान, तथा नसों की नाजुक स्थिति जैसी जटिल समस्याएं थीं, जिससे डायलिसिस के लिए उपयुक्त वैस्कुलर एक्सेस तैयार करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गया था।

प्रारंभिक उपचार के दौरान, मरीज का डायलिसिस सेंट्रल वेनस कैथेटर (Central Venous Line) के माध्यम से किया गया, जो एक अस्थायी समाधान है। हालांकि, इस विधि में संक्रमण, थ्रोम्बोसिस (खून के थक्के बनने) तथा अन्य जटिलताओं का खतरा अधिक रहता है। चिकित्सकीय टीम ने मरीज की दीर्घकालिक सुरक्षा और बेहतर जीवन गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए स्थायी और सुरक्षित विकल्प—एवी फिस्टुला निर्माण—का निर्णय लिया।एवी फिस्टुला को डायलिसिस के लिए “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है, क्योंकि इसमें धमनी (Artery) और शिरा (Vein) को जोड़कर एक स्थायी रक्त प्रवाह मार्ग तैयार किया जाता है, जिससे डायलिसिस के दौरान उच्च रक्त प्रवाह प्राप्त होता है, संक्रमण की संभावना कम होती है तथा बार-बार सुई लगाने की आवश्यकता भी कम होती है।यह जटिल सर्जरी डॉ. शिप्रा गर्ग, असिस्टेंट प्रोफेसर एवं परामर्शदाता प्लास्टिक सर्जन द्वारा अत्यंत कुशलता के साथ संपन्न की गई। उन्होंने मरीज के बाएं ऊपरी अंग में ब्रैकियल आर्टरी और सेफेलिक वेन के बीच एनास्टोमोसिस कर सफलतापूर्वक एवी फिस्टुला तैयार किया। कमजोर नसों और जटिल चिकित्सा स्थिति के बावजूद सर्जरी को अत्यधिक सावधानी, सटीक तकनीक और उच्च स्तरीय विशेषज्ञता के साथ पूरा किया गया।यह सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में एक समर्पित मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा की गई। टीम में जनरल सर्जरी विभाग की जूनियर रेजिडेंट्स डॉ. खाव्या ए. आर. और डॉ. मल्लिका, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन श्री अजय तथा अनुभवी एनेस्थीसिया टीम शामिल रही। पूरी टीम ने समन्वय और पेशेवर दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाया।सर्जरी के पश्चात मरीज की स्थिति स्थिर है और उन्हें शीघ्र ही नियमित डायलिसिस के लिए नए एवी फिस्टुला का लाभ मिल सकेगा। इस प्रक्रिया के सफल परिणाम से मरीज को लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी डायलिसिस सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की संभावना है।यह उपलब्धि सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, हापुड़ के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो इसे उन्नत नेफ्रोलॉजी और वैस्कुलर एक्सेस सर्जरी के क्षेत्र में एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित करता है। अब हापुड़, गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ तथा आसपास के एनसीआर क्षेत्रों के मरीजों को इस प्रकार की जटिल सर्जरी के लिए दिल्ली जैसे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे न केवल उपचार की लागत में कमी आएगी, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों को बार-बार यात्रा करने की आवश्यकता भी कम होगी।अस्पताल प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पूरी मेडिकल टीम की सराहना की। प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, निदेशक रघुवर दत्त एवं मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मेजर जनरल चरणजीत सिंह अहलूवालिया ने टीम के प्रयासों को सराहते हुए कहा कि यह सफलता संस्थान की गुणवत्ता, समर्पण और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है।सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन राम्या रामचंद्रन ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा कि SIMS निरंतर उन्नत चिकित्सा सेवाओं को क्षेत्र के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इसी प्रकार की उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराता रहेगा।

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल (SIMS), हापुड़ अपने अनुभवी विशेषज्ञों, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ क्षेत्र में एक विश्वसनीय एवं अग्रणी स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में तेजी से उभर रहा है।

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