ग़ाज़ियाबादस्वास्थ्य

नि:शुल्क दंत चिकित्सा शिविर : मुफ्त जांच, उपचार और जागरूकता के साथ आधुनिक डेंटल सुविधाओं की दी जानकारी

गाजियाबाद। दांतों और मौखिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक बनाने तथा गुणवत्तापूर्ण दंत चिकित्सा सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से दिल्ली मेरठ रोड़ स्थित आई.टी.एस डेंटल कॉलेज, मुरादनगर ने जून माह के दौरान व्यापक जनस्वास्थ्य अभियान चलाया। पूरे माह में गाजियाबाद के विभिन्न ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आयोजित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लगभग 5100 मरीजों की नि:शुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। संस्थान की इस पहल को मरीजों ने सराहा और इसे समाजहित में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कॉलेज द्वारा आयोजित शिविरों का दायरा गाजियाबाद के लोनी, डासना, विजय नगर, चिरौड़ी, इंद्रगढ़ी, नेकपुर, कुशलिया, अर्थला, फर्रूखनगर, नंदग्राम, भोपुरा, फरीदनगर, लालकुआं, इस्लामनगर, रावली और मछरी सहित कई क्षेत्रों तक रहा। इसके अलावा ऑफिसर सिटी-1, अरबन होम्स, स्टार रामेश्वरम और यूनिनव हाइट्स जैसी प्रमुख आवासीय सोसायटियों में भी दंत चिकित्सा शिविर लगाए गए, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लोगों में मौखिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, दांतों से जुड़ी बीमारियों की प्रारंभिक पहचान करना तथा समय रहते उनका उपचार सुनिश्चित करना था। प्रत्येक शिविर में सबसे पहले मरीजों की ओरल स्क्रीनिंग की गई, जिसके बाद उन्हें दांतों एवं मसूड़ों से संबंधित समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने दांतों की सडऩ, मसूड़ों की बीमारियां, डेंटल फ्लोरोसिस और अन्य मौखिक रोगों के कारणों तथा उनसे बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में जागरूक किया। विशेषज्ञों ने लोगों को बताया कि अत्यधिक मीठे एवं कैरियोजेनिक खाद्य पदार्थ दांतों की सडऩ का प्रमुख कारण बनते हैं। इसलिए संतुलित आहार, नियमित ब्रशिंग, समय-समय पर दंत परीक्षण और सही मौखिक स्वच्छता अपनाकर अधिकांश दंत रोगों से बचा जा सकता है। शिविरों के दौरान मरीजों के मौखिक स्वास्थ्य से जुड़े सभी सवालों के विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं वैज्ञानिक तरीके से उत्तर भी दिए गए। शिविरों में केवल परामर्श ही नहीं, बल्कि कई आवश्यक उपचार भी नि:शुल्क उपलब्ध कराए गए। मरीजों के दांतों की सफाई, दांत निकालना, दांतों की सडऩ रोकने के लिए एपीएफ जेल लगाना, एक्स-रे जांच, कैविटी फिलिंग (मसाला भरना) तथा अन्य आवश्यक उपचार मौके पर ही किए गए। गंभीर मामलों में मरीजों को संस्थान में आकर आगे का उपचार कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर संस्थान द्वारा उपलब्ध अत्याधुनिक दंत चिकित्सा सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। मरीजों को डेंटल इंप्लांट, लैमिनेट्स, वेनीर्स, माइक्रोस्कोपिक रूट कैनाल ट्रीटमेंट, ब्रेसेस, एलाइनर्स, टीथ व्हाइटनिंग तथा हेयर ट्रांसप्लांट जैसी आधुनिक चिकित्सा सेवाओं के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। संस्थान की ओर से बताया गया कि भोजपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) और मुरादनगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) में संचालित सैटेलाइट क्लीनिक के माध्यम से भी जरूरतमंद मरीजों को नियमित रूप से नि:शुल्क दंत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी गुणवत्तापूर्ण उपचार का लाभ उठा सके। आई.टी.एस – द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. आर.पी. चड्ढा एवं वाइस चेयरमैन अर्पित चड्ढा की प्रेरणा और मार्गदर्शन में आयोजित इस जनस्वास्थ्य अभियान को सफल बनाने में संस्थान के चिकित्सकों, शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और स्वास्थ्यकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वास्थ्य शिविरों का लाभ उठाने वाले हजारों मरीजों ने संस्थान के इस सामाजिक सरोकार की सराहना करते हुए चिकित्सकों एवं पूरे दल के प्रति आभार व्यक्त किया।

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