एक सप्ताह में निपटें सभी लंबित प्रकरण, मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा में अधिकारियों, बैंकों और एजेंसियों को मिले स्पष्ट निर्देश

गाजियाबाद। प्रधानमंत्री सूरजघर : मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, विभिन्न स्तरों पर लंबित प्रकरणों तथा सौर रूफटॉप संयंत्रों की स्थापना की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जनपद के सभी संबंधित बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण निगम के अधिकारी, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के अधिकारी तथा योजना से जुड़े अधिकृत विक्रेताओं ने भाग लिया। समीक्षा के दौरान बैंक स्तर तथा विद्युत वितरण निगम स्तर पर लंबित प्रकरणों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूरजघर : मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को सौर ऊर्जा से जोड़ते हुए बिजली खर्च में राहत प्रदान करना और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना है। ऐसे में किसी भी पात्र लाभार्थी को केवल प्रशासनिक विलंब के कारण योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित आवेदन एवं प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण करते हुए एक सप्ताह के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने योजना से जुड़े सभी अधिकृत विक्रेताओं को भी स्पष्ट निर्देश दिए कि सौर रूफटॉप संयंत्रों की स्थापना में केवल उच्च गुणवत्ता वाले उपकरण, सामग्री एवं यंत्रों का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि संयंत्रों की स्थापना निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि लाभार्थियों को भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी, सुरक्षा संबंधी समस्या अथवा शिकायत का सामना न करना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने अधिकारियों से कहा कि योजना का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूरा करना नहीं, बल्कि प्रत्येक लाभार्थी तक गुणवत्तापूर्ण सुविधा पहुंचाना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आवेदन से लेकर स्थापना तक की पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि लाभार्थियों की शिकायतों का तत्काल संज्ञान लेते हुए उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन का सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विश्वास और अधिक मजबूत हो। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों, बैंक अधिकारियों, विद्युत वितरण निगम, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण तथा अधिकृत विक्रेताओं को निर्देशित किया कि प्रधानमंत्री सूरजघर : मुफ्त बिजली योजना के प्रत्येक प्रकरण की नियमित निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ बिना किसी विलंब के पहुंचाया जाए।



