बाढ़ से गंगा घाट पर मिट्टी का हुआ जबरदस्त कटान, मेला आयोजन के लिए करनी होगी कड़ी मशक्कत

वेलकम इंडिया नितिन शर्मा
चांदपुर। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की तैयारियों को लेकर गंगा घाट का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बाढ़ के कारण घाट क्षेत्र में भारी मात्रा में मिट्टी का कटान होने तथा जंगलनुमा स्थिति बनने से मेला आयोजन की चुनौती बढ़ती नजर आई है।
कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेला समिति ट्रस्ट, नारनौर के अध्यक्ष अजय कुमार कौशिक ने जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ के पानी के साथ बड़ी मात्रा में मिट्टी का कटान घाट क्षेत्र में हो गया है। इस वर्ष मेला लगाने के लिए अभी से ही कार्य करना होगा। इसके अलावा काफी हिस्से में टाटल, पटेरी, झाड़ियां और जंगली घास उग गए हैं। जिनकी सफाई में भी काफी समय एवं श्रम लगेगा। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षित गंगा स्नान के लिए घाट को व्यवस्थित करने में आयोजन समिति को काफी कडी मेहनत करनी पड़ेगी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय से पहले घाट की साफ-सफाई, मिट्टी हटाने, झाड़ियों एवं जंगल की सफाई तथा श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए रास्तों को सुगम बनाने का कार्य प्राथमिकता से करना होगा। इसके लिए व्यापक स्तर पर श्रम और संसाधनों की आवश्यकता होगी।उन्होंने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए घाट को समय रहते पूरी तरह तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर संबंधित लोगों ने व्यवस्थाओं में तेजी लाने पर जोर दिया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि दोनों जिलों के अधिकारियों से शीघ्र वार्ता की जाएगी।
स्मरण रहे की 6 वर्ष पूर्व गंगा जी का प्रवाह बिजनौर जिले में होता था परंतु निरंतर बढ़ आने के कारण गंगा जी का प्रवाह मेरठ जिले की मवाना तहसील क्षेत्र में हो गया है । मेला जिला बिजनौर का है। आयोजन मेरठ जिले की सीमा में होता है। इसलिए मवाना तहसील से अनुमति होती है तथा सुरक्षा, यातायात, अग्निशमन, स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था चांदपुर तहसील से दी जाती है समिति के अध्यक्ष ने बताया कि इस आयोजन में किसी भी प्रकार की सरकारी वित्तीय मदद नहीं दी जाती है।


