सरकारी अस्पताल के सामने एंबुलेंसों की जांच, एक का चालान और एक बंद

वेलकम इण्डिया/
असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। सरकारी अस्पताल के सामने खड़ी निजी एंबुलेंसों की सोमवार को परिवहन विभाग की टीम ने जांच की। अचानक जांच के लिए पहुंची टीम को देखकर एंबुलेंस संचालकों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान पीटीओ ने एक एंबुलेंस का चालान किया और एक एंबुलेंस को बंद कराया।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जिले में निजी और अनधिकृत एंबुलेंस के खिलाफ यह विशेष अभियान 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
अभियान के तहत निजी अस्पतालों से जुड़ी एंबुलेंसों के पंजीकरण, फिटनेस, परमिट, लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सोमवार को परिवहन विभाग सिद्धार्थनगर की टीम ने सरकारी अस्पताल के सामने खड़ी एंबुलेंसों की जांच की। इस दौरान एंबुलेंस का किराया, अग्निशमन यंत्र, सुरक्षा उपकरण और आवश्यक दस्तावेज देखे गए। संचालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार एंबुलेंस का संचालन करने की हिदायत दी गई। ट्राफिक अधिकारियों ने कहा कि मरीज को अस्पताल पहुंचाने के बाद एंबुलेंस को सरकारी अस्पताल के सामने अनावश्यक रूप से खड़ा नहीं किया जाएगा। इससे मरीजों और राहगीरों के आवागमन में परेशानी होती है। नियमों का उल्लंघन करने वाली एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
एआरटी संजय सिंह ने बताया जिले के निजी अस्पतालों से जुड़ी एम्बुलेंस का सत्यापन होगा।
बिना वैध अनुमति के चल रही एम्बुलेंस या नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी।
इस दौरान कई एंबुलेंसों के दस्तावेज और सुरक्षा उपकरण भी जांचे गए। एआरटीओ सिद्धार्थनगर की इस कार्रवाई से अस्पताल के सामने मौजूद एंबुलेंस संचालकों में अफरा-तफरी फैल गई।परिवहन विभाग के अनुसार अभियान का उद्देश्य अनधिकृत एंबुलेंस के संचालन पर रोक लगाना और मरीजों को सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
इस दौरान पीटीओ मुजफ्फर हुसैन सिद्दीकी,सीओ ट्राफिक राजकुमार सिंह,टीआई अजय कुमार सिंह यादव अन्य ट्राफिक पुलिस कर्मी मौजूद रहे।



