सुधाकर महिला विधि महाविद्यालय में पास्को अधिनियम के प्रावधानों एवं बच्चों की सुरक्षा के संबध में विशेष राज्यव्यापी जागरुकता अभियान

(संतोष कुमार सिंह )
वाराणसी :- सुधाकर महिला विधि महाविद्यालय में पास्को एक्ट पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम,2012 के संबंध में स्कूली बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है | अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पास्को अधिनियम के महत्वपूण प्रावधानों,बच्चों के अधिकारों तथा बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों से संबधित कानूनी प्रावधानों एवं उनके परिणामों के प्रति जागरूक करना है | राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्ण कालिक सचिव राजीव मुकुल पाण्डेय ने कहा कि जागरूकता ही बाल सुरक्षा की पहली पीढ़ी है यदि बच्चों को उनके अधिकारों और कानूनी संरक्षण की जानकारी होगी,तो वे अनुचित परिस्थितियों के प्रति अधिक सजग रहेंगे |
ए.डी.जे.-2 रचना सिंह ने कहा कि बच्चों की गरिमा,सुरक्षा और सम्मान की रक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है इसलिए बच्चों के प्रति अपराधों को गुप्त रखते हुए,जाँच की जानी चाहिए क्योंकि बच्चे अपराध को समझते ही नहीं | सुधाकर महिला शिक्षण संस्थान समूह के चेयरमैन डॉ० प्रभु नारायण दूबे ने कहा कि पास्को एक्ट का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होगा,जब कानून की जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक बच्चा अपने अधिकारों तथा अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक हो |
सुधाकर महिला पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ० अशोक कुमार पाण्डेय ने कहा कि बाल यौन शोषण के विरुद्ध सबसे प्रभावी उपायों में जागरुकता महत्वपूर्ण है | बच्चों को यह जानकारी होनी चाहिए कि उनका शरीर,उनकी निजता और उनकी गरिमा महत्वपूर्ण है जबकि अभियान के अन्तर्गत पोस्टर प्रतियोगिता,नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी जागरूकता अभियान चलाया गया |
इस अवसर पर तकनीकी निदेशक आयुष्मान दूबे, प्रशासनिक निदेशक कीर्तिमान दूबे,डॉ.सुजीत राय, डॉ. श्याम सुंदर मिश्रा,डॉ. हेमा गुप्ता,डॉ० मनोरम तिवारी, डॉ० रोली पाण्डेय,डॉ.सुनील पाण्डेय,डॉ० प्रवीण मिश्रा एवं डॉ० धम्म प्रिय गौतम ने अपना पूर्ण सहयोग दिया | कार्यक्रम का संचालन डॉ० राजकुमार श्रीवास्तव ने किया ||


