दिव्यांगजनों के हुनर को मिलेगा रोजगार का सहारा, आत्मनिर्भर बनाने पर जोर-31 आवेदकों से संवाद, कारोबार की जानी जानकारी, एक योजना तक सीमित नहीं रहेंगे लाभार्थी

गाजियाबाद। दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। गुरुवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ की अध्यक्षता में दिव्यांगजन ऋण योजना के आवेदकों का साक्षात्कार आयोजित किया गया। योजना के तहत 31 दिव्यांगजनों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। साक्षात्कार के दौरान सीडीओ ने आवेदकों से व्यक्तिगत संवाद कर उनके रोजगार संबंधी विचार, रुचि और आवश्यकताओं की जानकारी ली। मुख्य विकास अधिकारी ने प्रत्येक आवेदक से यह जाना कि ऋण मिलने के बाद वह किस प्रकार का स्वरोजगार या व्यवसाय शुरू करना चाहता है। उन्होंने दिव्यांगजनों के साथ आए परिजनों से भी उनकी समस्याओं और रोजगार संबंधी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। दुकान निर्माण एवं संचालन योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को खोखा, गुमटी स्थापित करने अथवा दुकान संचालन के लिए 10 से 20 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता और ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
सीडीओ कुमार सौरभ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों को केवल एक ऋण योजना तक सीमित न रखा जाए। उनकी योग्यता, रुचि और प्रस्तावित व्यवसाय के अनुरूप अन्य विभागों की स्वरोजगार योजनाओं से भी जोड़ा जाए। इसके लिए पशुपालन विभाग, डूडा, खादी एवं ग्रामोद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र समेत अन्य विभागों से समन्वय स्थापित करने को कहा गया। पात्र दिव्यांगजनों को पीएम स्वनिधि, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी योजनाओं की जानकारी देकर आवेदन और बैंक ऋण दिलाने में सहयोग करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने दिव्यांग महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोडऩे और इच्छुक दिव्यांगजनों के समूह गठित कर उन्हें समूह आधारित आजीविका गतिविधियों से जोडऩे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को स्थायी आजीविका और आर्थिक स्वावलंबन का अवसर उपलब्ध कराना है। इस मौके पर जिला विकास अधिकारी प्रज्ञा श्रीवास्तव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रशांत, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी अंशुल चौहान सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। साक्षात्कार में दिव्यांग आवेदकों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित रहे।

