स्कूल वाहनों के दस्तावेज और सुरक्षा मानकों पर परिवहन विभाग सख्त-बिना फिटनेस, परमिट और वैध प्रपत्र के बच्चों को ढोने वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई

गाजियाबाद। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने जनपद के सभी विद्यालय संचालकों और प्रबंधकों को स्कूल वाहनों के दस्तावेज और सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन) अमित राजन राय ने स्पष्ट किया कि बिना वैध फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य जरूरी प्रपत्रों के किसी भी वाहन से बच्चों का परिवहन नहीं किया जाएगा। सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग ने विद्यालयों को निर्देशित किया है कि स्कूल में संचालित सभी वाहनों के पंजीयन, फिटनेस, परमिट, बीमा समेत अन्य दस्तावेजों की तत्काल जांच कराई जाए। जिन वाहनों के प्रपत्र समाप्त हो चुके हैं, उनके दस्तावेज कब तक वैध कराए जाएंगे, इसकी सूचना भी विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। जब तक दस्तावेज वैध नहीं होते, तब तक ऐसे वाहनों का बच्चों के आवागमन में प्रयोग नहीं किया जाएगा। विभाग ने उन वाहनों का रिकॉर्ड भी दुरुस्त कराने के निर्देश दिए हैं जो वर्तमान में संचालित नहीं हैं या कटवाकर समाप्त किए जा चुके हैं, लेकिन अभी भी विद्यालय के नाम दर्ज हैं। ऐसे वाहनों का नियमानुसार पंजीयन निरस्त कराया जाए। वहीं, चलने योग्य नहीं होने के कारण विद्यालय परिसर में खड़े वाहनों की सूचना आरटीओ कार्यालय को इस्तेमाल न किया गया वाहन के रूप में लिखित रूप से देनी होगी। यदि विद्यालय ने कोई वाहन बेच दिया है तो उसका स्वामित्व नियमानुसार क्रेता के नाम स्थानांतरित कराना भी विद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी। नामांतरण नहीं होने की स्थिति में वाहन से जुड़ी वैधानिक जिम्मेदारी विद्यालय के नाम पर बनी रह सकती है। एआरटीओ (प्रवर्तन) अमित राजन राय ने बताया कि 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल/सीएनजी वाहनों का बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक स्कूल वाहन में बच्चों की सुरक्षा और निगरानी के लिए अटेंडेंट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने विद्यालय प्रबंधनों से अपने सभी स्कूल वाहनों के अभिलेखों की तत्काल समीक्षा कराने और कमियों को दूर करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और अनफिट, असुरक्षित अथवा अधूरे दस्तावेज वाले वाहन से बच्चों का परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।


