दुधारा गांव में बंदरों का आतंक, ग्रामीणों में दहशत

जिला प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
संतकबीरनगर। दुधारा गांव में बंदरों की बढ़ती संख्या से ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। बंदर आए दिन घरों में घुसकर खाने-पीने का सामान उठा ले जाते हैं, छतों पर रखे सामान को नुकसान पहुंचाते हैं और महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। इससे पूरे गांव में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के डर से बच्चों का घर से बाहर निकलना और महिलाओं का छतों पर जाना भी मुश्किल हो गया है। लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है।
ग्राम प्रधान अब्दुल कलाम, मुहम्मद शोएब,अतीकुर्रहमान, गुलाम हुसैन,मुश्ताक अहमद, रिजवानुल्लाह, एकरार अहमद ,नसीम अहमद ,शमशाद हुसैन , मोहम्मद ज़ैद, अब्दुल बारी , अमीरुद्दीन,अबुलवफा,नौशाद आलम , गुफरान अहमद, हाफिज शहबाज अहमद, एजाज अहमद, मोहम्मद असद मौलाना उबैदुर्रहमान मजाहिरी ने जिला प्रशासन एवं वन विभाग से मांग की है कि बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उचित स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए, ताकि गांव के लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।



