गोवर्धन: मानसी गंगा पर दो दिन में तीन मौतें, प्रशासन ने साधी चुप्पी

-सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, आखिर घाटों पर कब होंगे श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता इंतजाम?
मथुरा/गोवर्धन। धार्मिक नगरी गोवर्धन की पावन मानसी गंगा एक बार फिर दर्दनाक हादसे की गवाह बनी। रविवार को आगरा के रामनगर क्षेत्र से अपने परिजनों के साथ गोवर्धन परिक्रमा करने आए 15 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। लगातार दो दिनों में मानसी गंगा पर तीन श्रद्धालुओं की मौत के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं, लेकिन जिम्मेदार अब भी चुप्पी साधे हुए हैं।
जानकारी के अनुसार मृतक किशोर की पहचान भीम (15 वर्ष) निवासी रामनगर, आगरा के रूप में हुई है। बताया गया है कि भीम अपने जीजा और अन्य रिश्तेदारों के साथ गोवर्धन परिक्रमा करने आया था। परिक्रमा के दौरान वह मानसी गंगा के घाट पर स्नान करने उतरा, तभी अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और गोताखोरों की टीम ने काफी मशक्कत के बाद किशोर को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
किशोर की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं की आंखें भी नम हो गईं। वहीं लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय लोगों और तीर्थ यात्रियों में भय का माहौल बना हुआ है।
गौरतलब है कि गोवर्धन में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन और 21 किलोमीटर परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद मानसी गंगा घाटों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आते। न तो अधिकांश घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगे हैं, न ही स्थायी गोताखोरों की तैनाती और न ही बैरिकेडिंग की समुचित व्यवस्था दिखाई देती है।
लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने, चेतावनी संकेत लगाने और प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी तैनाती की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।




