ग़ाज़ियाबाद

260 करोड़ की 250 बीघा सरकारी जमीन कराई कब्जामुक्त, निर्माण और खरीद-फरोख्त पर तत्काल रोक

गाजियाबाद, 22 जून मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप जनपद गाजियाबाद में सरकारी भूमि को भूमाफियाओं एवं अवैध कब्जाधारकों से मुक्त कराने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोमवार को जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ के नेतृत्व में ग्राम डासना स्थित लगभग 250 बीघा सरकारी भूमि, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 260 करोड़ रुपये आंकी गई है, पर प्रशासन ने विधिवत कब्जा प्राप्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान भूमि पर निर्माण एवं खरीद-फरोख्त पर पूर्ण प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड भी स्थापित कर दिए गए तथा सार्वजनिक मुनादी कर लोगों को चेतावनी दी गई कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या लेन-देन दंडनीय अपराध माना जाएगा।
जिला प्रशासन के अनुसार ग्राम डासना, परगना डासना, तहसील एवं जनपद गाजियाबाद स्थित खसरा संख्या-33 की लगभग 20 हेक्टेयर (करीब 250 बीघा) भूमि राजस्व अभिलेखों में वर्ष 1359 फसली से सरकारी भूमि के रूप में दर्ज है। इस भूमि को लेकर माननीय उपजिलाधिकारी न्यायालय में धारा-145 के अंतर्गत वाद विचाराधीन है। इसके बावजूद भूमि की सुरक्षा एवं सरकारी अभिलेखों के अनुरूप संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर मौके पर कब्जा प्राप्त किया। कार्रवाई के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अरुण दीक्षित के नेतृत्व में राजस्व एवं पुलिस टीम ने पूरे क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर सार्वजनिक मुनादी कर स्थानीय लोगों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया गया कि यह भूमि सरकारी संपत्ति है और इस पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण, कब्जा, प्लॉटिंग अथवा खरीद-फरोख्त पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बाद पूरी भूमि पर प्रशासनिक कब्जा दर्ज करते हुए विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड स्थापित किए गए, जिनमें स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि सरकारी अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की गतिविधि कानूनन अपराध मानी जाएगी। कार्रवाई के बाद जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जनपद में सरकारी भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। भूमाफियाओं, अवैध कब्जाधारकों तथा सरकारी संपत्ति पर नजर रखने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई कर रहा है और भविष्य में भी यह अभियान बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर किसी भी व्यक्ति को अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और पहले से किए गए अतिक्रमणों को भी चिन्हित कर विधिक प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन ने भूमाफियाओं के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है। यदि कोई व्यक्ति सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने, प्लॉटिंग करने या खरीद-फरोख्त करने का प्रयास करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ऐसे मामलों की लगातार निगरानी कर रहा है और राजस्व विभाग को संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि सरकारी भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार के लेन-देन से पहले राजस्व अभिलेखों की जांच अवश्य करें और यदि कहीं सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा, निर्माण या प्लॉटिंग की जानकारी मिले तो तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करें। प्रशासन द्वारा प्राप्त प्रत्येक सूचना पर त्वरित जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह की बड़ी कार्रवाई न केवल सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि भूमाफियाओं के विरुद्ध एक कड़ा संदेश भी देगी कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के लिए अब जनपद में कोई जगह नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान आगे भी पूरी दृढ़ता और पारदर्शिता के साथ जारी रहेगा तथा जनहित और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

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