हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ती है कांग्रेस, राहुल हर बार नया बहाना ढूंढते हैं: योगी

-कांग्रेस और सपा पर मुख्यमंत्री का तीखा हमला, बोले- चुनाव जीतने पर श्रेय और हारने पर ईवीएम को दोष
-राम मंदिर निर्माण के संघर्ष का जिक्र कर सपा-कांग्रेस को घेरा, 500 साल बाद अयोध्या में विराजे रामलला
गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्ष लोकतंत्र बचाने की बात नहीं कर रहा, बल्कि अपने परिवार और राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की कवायद में जुटा है। कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी की स्थिति बार-बार परीक्षा में फेल होने वाले ऐसे छात्र जैसी हो गई है, जो अपनी नाकामी स्वीकार करने के बजाय हर बार नया बहाना बनाते हैं। कभी सिलेबस से बाहर प्रश्न आने, कभी कॉपी बदलने तो कभी पेन की स्याही खत्म होने का आरोप लगाते हैं। इसी तरह कांग्रेस चुनाव जीतने पर अपनी उपलब्धि बताती है और हारने पर ईवीएम तथा संवैधानिक संस्थाओं को दोष देने लगती है। राजनगर एक्सटेंशन में गुरुवार को आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। देश की जनता लोकतंत्र के प्रति जागरूक है, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगी दल अपनी हार स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की राजनीति को जनता के सामने उजागर करने के लिए देशभर में पदयात्राएं शुरू की हैं। इसी क्रम में पांच नवंबर को देश के 100 स्थानों पर पदयात्राएं पूरी हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि प्रदेश में सपा की चार बार सरकार रही, लेकिन उसकी पहचान गुंडागर्दी, अराजकता, कर्फ्यू और दंगों से बनी। उस समय कहा जाता था कि जिस गाड़ी पर सपा का झंडा, समझो बैठा है उसमें कुख्यात गुंडा। बेटियां और व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस करते थे। उन्होंने कोसीकलां, मुजफ्फरनगर, मथुरा, बरेली, संभल, मुरादाबाद, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सपा के शासनकाल पर सवाल उठाए।
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, जबकि कांग्रेस ने मंदिर निर्माण की राह में बाधाएं खड़ी की थीं। आज वही दल लोकतंत्र और संविधान की दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद अयोध्या में रामलला का भव्य मंदिर बना है। भाजपा ने देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के साथ विकास को भी नई गति दी है। काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या का राम मंदिर इसका उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद के विकास की चर्चा करते हुए यहां उत्तराखंड भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने क्षेत्र के चौमुखी विकास का संकल्प दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में चार करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए गए हैं। साथ ही कहा कि भाजपा सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर उनका सम्मान बढ़ाया है। कांग्रेस और सपा परिवारवादी पार्टियां हैं, जहां नेतृत्व एक ही परिवार तक सीमित रहता है। मुख्यमंत्री ने एक नवंबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर लोकतंत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की विरासत का अपमान कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की इस पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े, सह प्रभारी अनंत ओझा, क्षेत्रीय प्रभारी राम प्रताप सिंह चौहान, क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महामंत्री त्रिलोक त्यागी सहित अनेक नेता मौजूद रहे।





