सिद्धार्थनगर में 12 अक्तूबर से ईवीएम की जांच, 2239 मतदान स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों का होगा परीक्षण

_सीसीटीवी की निगरानी में होगी प्रक्रिया, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी रहेगी अनिवार्य।
वेलकम इण्डिया/असदुल्लाह सिद्दीकी
सिद्धार्थनगर। आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत जिले में 12 अक्तूबर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय जांच शुरू होगी। जिला निर्वाचन कार्यालय में होने वाली इस प्रक्रिया में कंट्रोल यूनिट, बैलेट यूनिट और वीवीपैट की जांच की जाएगी। जिले के 2239 मतदान स्थलों के सापेक्ष 135 प्रतिशत मशीनों का परीक्षण कराया जाएगा। पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होगी।
शुक्रवार को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन और अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गौरव श्रीवास्तव ने पत्रकार वार्ता में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से ईवीएम निर्माता कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अभियंताओं को जांच के लिए नामित किया गया है। इस संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रक्रिया की जानकारी दी गई। उनसे अपने प्रतिनिधियों को नामित कर जांच के दौरान उपस्थित रहने की अपील की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान मशीनों में नमूना निर्वाचन चिह्न दर्ज कर उनकी कार्यक्षमता परखी जाएगी। इसके बाद मशीनों का विवरण निर्वाचन आयोग के ईएमएस पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। जांच में खराब पाई जाने वाली मशीनों को निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत कड़ी सुरक्षा में निर्माता कंपनी को भेजा जाएगा। मशीनों की कार्यक्षमता जांचने के लिए नमूना मतदान भी कराया जाएगा। बैलेट यूनिट के सभी 16 बटनों की जांच के लिए प्रत्येक बटन पर छह-छह मत दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा एक प्रतिशत मशीनों पर 1200 मत, दो प्रतिशत मशीनों पर 1000 मत और दो प्रतिशत मशीनों पर 500-500 मत दर्ज कर परीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी, आयोग के प्रतिनिधि और राजनीतिक दलों के दो-दो प्रतिनिधियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जांच प्रक्रिया से संतुष्ट करना भी आवश्यक होगा। किसी प्रतिनिधि की अनुपस्थिति की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि जांच स्थल पर सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था रहेगी। इसकी जानकारी और आईपी एड्रेस मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी की जा सके।


