साइबर ठगों का कथित बैंकिंग नेटवर्क पकड़ा गयाछह मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी दस्तावेजों समेत दो गिरफ्तार

वेलकम इंडिया पीलीभीत
पीलीभीत। थाना जहानाबाद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइ-वज्र के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक जांच में देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़े करीब 200 साइबर शिकायतों का पता चला है। आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, छह मोबाइल फोन, 16 फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, सात चेकबुक और 10 बैंक पासबुक बरामद की गई हैं। संबंधित खातों में उपलब्ध करीब पांच लाख रुपये की धनराशि को भी होल्ड कराया गया है।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहल्ला विलई, कस्बा व थाना जहानाबाद निवासी मोहम्मद मोहसिन पुत्र मोहम्मद अमजद तथा बरेली जनपद के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के हरवंशपुर लक्ष्मीनयापुर निवासी राहुल पुत्र मेघनाथ के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस के मुताबिक गिरोह द्वारा 47 बेट गेमिंग प्लेटफॉर्म और विभिन्न निवेश योजनाओं के माध्यम से लोगों को धन निवेश कर लाभ कमाने का लालच दिया जाता था। इसके बाद ठगी की रकम के लेन-देन के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार गरीब और सीधे-सादे लोगों को सरकारी योजना के तहत खाता खुलवाने अथवा 10 हजार रुपये तक आर्थिक लाभ दिलाने का लालच देकर उनके आधार, पैन और सिम समेत अन्य दस्तावेज हासिल किए जाते थे। उनके नाम से बैंक खाते खुलवाकर पासबुक, एटीएम और चेकबुक अपने कब्जे में ले ली जाती थीं और इन खातों को कथित रूप से म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर सामने आई शिकायतों के प्रारंभिक विश्लेषण में कई बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। हारून से जुड़े खाते के संबंध में 85 शिकायतों में करीब 42.54 करोड़ रुपये, मोहसिन से जुड़े खाते में 15 शिकायतों में करीब 32 करोड़ रुपये और राहुल से जुड़े खाते में 34 शिकायतों में करीब 28 करोड़ रुपये के लेन-देन का विवरण सामने आया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन रकमों के वास्तविक स्वरूप, धन के प्रवाह और शिकायतों के आपसी संबंध का विस्तृत वित्तीय एवं तकनीकी विश्लेषण अभी जारी है।मामले की जांच में अन्य स्थानीय लोगों के नाम से भी इसी तरह खाते खुलवाकर बैंकिंग दस्तावेज लेने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार ऐसे खातों में 50 लाख रुपये से अधिक के संदिग्ध साइबर फ्रॉड संबंधी जमा-निकासी लेन-देन भी सामने आए हैं। इस संबंध में 30 जुलाई 2026 को दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 285/2026, धारा 318(4) बीएनएस में दर्ज किया गया था।जांच के दौरान विशाल मौर्य और फरमान पुत्र अफसर खां की भूमिका भी सामने आने की बात पुलिस ने कही है। दोनों फिलहाल फरार बताए गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के डिजिटल डाटा की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। साथ ही अन्य बैंक खातों, म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वालों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल जारी है।



