पांच बदमाशों का संगठित नेटवर्क, चोरी के बाद चार बार बदलते थे बाइक का चालक-चार चोरी की बाइक बरामद, तीन आरोपित जेल भेजे गए; दो फरार साथियों की तलाश में जुटी पुलिस

गाजियाबाद। पुलिस की तकनीक और निगरानी व्यवस्था जैसे-जैसे हाईटेक हो रही है, अपराधी भी पुलिस से बचने के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं। मोदीनगर क्षेत्र में सक्रिय एक वाहन चोर गिरोह ने भी पुलिस की निगरानी और सीसीटीवी कैमरों को चकमा देने के लिए चोरी का ऐसा तरीका अपनाया हुआ था, जिसे जानकर पुलिस भी हैरान रह गई। गिरोह के सदस्य बाइक चोरी करने के बाद उसे सीधे ठिकाने तक नहीं ले जाते थे, बल्कि रास्ते में कई बार चालक बदलते थे। यही नहीं, चोरी की बाइक को सड़क पर विपरीत दिशा में चलाकर पुलिस की निगरानी से बचने का प्रयास किया जाता था। मोदीनगर पुलिस ने इस शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो फरार आरोपितों की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार गिरोह के पांचों सदस्य मिलकर आसपास के क्षेत्रों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। बाइक चोरी करने के लिए मास्टर चाबी का इस्तेमाल किया जाता था। चोरी के बाद गिरोह के सदस्य मोबाइल फोन पर कोडवर्ड में बातचीत करते थे। बाइक चोरी करने के बाद एक आरोपित फोन पर बोलता था—’उड़ जा कबूतर… चिडिय़ा घोंसले में।’ इसके बाद बाइक को तत्काल दूसरे साथी के हवाले कर दिया जाता था। कुछ दूरी आगे जाने पर दूसरा आरोपित बाइक तीसरे सदस्य को सौंप देता था। इसी तरह रास्ते में चार बार तक बाइक का चालक बदल दिया जाता था, जबकि अन्य सदस्य आटो या ई-रिक्शा से वहां से निकल जाते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने वाहन चोरी के बाद पुलिस की निगरानी से बचने के लिए बाकायदा रणनीति बना रखी थी। बाइक को एक ही व्यक्ति लंबे समय तक नहीं चलाता था। कुछ दूरी के अंतराल पर चालक बदल दिया जाता था, ताकि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक ही व्यक्ति लगातार बाइक चलाता हुआ दिखाई न दे। इसके अलावा कई बार चोरी की बाइक को सड़क पर विपरीत दिशा में चलाकर ले जाया जाता था, जिससे पीछा करने या पहचान करने में पुलिस को परेशानी हो। मोदीनगर पुलिस की सक्रियता और लगातार की जा रही निगरानी के चलते आखिरकार गिरोह के सदस्यों की गतिविधियों का सुराग मिला और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों की निशानदेही पर चार चोरी की बाइक बरामद की गई हैं। बरामद बाइकों में दो मोदीनगर, एक मुरादनगर और एक निवाड़ी क्षेत्र से चोरी की गई थी। संबंधित थानों में इन बाइकों की चोरी के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के दो अन्य सदस्यों मुरादनगर निवासी राजेश और बागपत के डिकौली निवासी अजगर उर्फ रोहित की तलाश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद वाहन चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। फरार आरोपितों से पूछताछ के बाद चोरी की और बाइक बरामद होने की संभावना है। मोदीनगर पुलिस की इस कार्रवाई को वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। गिरोह ने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए जिस तरह चालक बदलने, कोडवर्ड में बातचीत करने और रास्ता बदलने की रणनीति अपनाई थी, उसके बावजूद पुलिस ने उनकी गतिविधियों का पता लगाकर कार्रवाई की। चार चोरी की बाइक बरामद होने से न केवल कई वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है, बल्कि गिरोह के नेटवर्क तक पहुंचने का रास्ता भी साफ हुआ है। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले अपराधियों में भी सख्त संदेश गया है कि तकनीक और निगरानी से बचने के लिए चाहे अपराधी कितने भी शातिर तरीके अपनाएं, पुलिस की सतर्कता और लगातार कार्रवाई से उनका बच निकलना आसान नहीं है। अब पुलिस फरार दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ गिरोह के पूरे नेटवर्क और चोरी की अन्य बाइकों की बरामदगी पर फोकस कर रही है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य चोरी की बाइक को अधिक समय तक अपने पास नहीं रखते थे। चोरी करने के बाद बाइक को जल्द से जल्द ठिकाने लगाने का प्रयास किया जाता था। कई बाइक महज पांच हजार रुपये में बेच दी जाती थीं। गिरोह का फरार सदस्य अजगर उर्फ रोहित चोरी की बाइक को बेचने में मदद करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि कुछ चोरी की बाइक बागपत क्षेत्र में भी बेची गई हैं। पुलिस अब इन बाइकों की जानकारी जुटाकर उन्हें बरामद करने के प्रयास में लगी है। एसीपी मोदीनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में मोदीनगर की इंदिरापुरी निवासी अनुज, मुरादनगर के डिडौली निवासी ध्रुव त्यागी और जलालपुर रोड निवासी दीपक शामिल हैं। अनुज और ध्रुव आठवीं कक्षा तक पढ़े हैं, जबकि दीपक ने दसवीं तक शिक्षा प्राप्त की है। ध्रुव डेयरी का काम करता है, जबकि अनुज और दीपक कामगार हैं। पुलिस के अनुसार आरोपितों के खिलाफ पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं।




