निराश्रित, असहाय और संकटग्रस्त लोगों की मदद के लिए आमजन से सहयोग की अपील, 1098 पर सूचना देने का आह्वान

गाजियाबाद। जनपद में निराश्रित, असहाय, बेसहारा एवं जरूरतमंद महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जिला प्रशासन ने विशेष रेस्क्यू एवं जनजागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित आदेशों के अनुपालन में जिलाधिकारी के निर्देशन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर रहने वाले जरूरतमंद लोगों की पहचान कर उन्हें तत्काल सहायता, संरक्षण एवं पुनर्वास की मुख्यधारा से जोडऩा रहा। रेस्क्यू टीम ने हापुड़ चुंगी चौराहा, पुराना बस अड्डा, चौधरी मोड़, रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न सार्वजनिक स्थलों का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने वहां मौजूद निराश्रित एवं जरूरतमंद लोगों से संवाद स्थापित कर उनकी परिस्थितियों की जानकारी ली तथा उन्हें शासन द्वारा संचालित आश्रय, भोजन, चिकित्सा, परामर्श और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी दी। अभियान के दौरान राहगीरों, दुकानदारों, वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को भी जागरूक किया गया कि यदि उन्हें कोई बेसहारा, मानसिक रूप से अस्वस्थ, भिक्षावृत्ति में लिप्त, लावारिस अथवा संकटग्रस्त महिला, पुरुष या बच्चा दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस अथवा जिला प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। अभियान में जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) से जितेन्द्र कुमार, संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन के सुपरवाइजर, एएचटी थाना प्रभारी सर्वेश पाल, उपनिरीक्षक आरिफ खान, हेड कांस्टेबल नीलम एवं रेखा ने सक्रिय भागीदारी निभाई। रेलवे स्टेशन क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी संस्था रेलवे चिल्ड्रन इंडिया के शुभम चक्रवर्ती एवं आउटरीच वर्कर रफीक खान ने भी अभियान में सहयोग किया। इस दौरान रेलवे क्षेत्राधिकारी भागचंद मीणा से भी अभियान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, जिन्होंने भविष्य में ऐसे अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। जीआरपी थाना स्तर पर भी समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद लोगों के त्वरित रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए संयुक्त कार्रवाई की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शासन द्वारा सड़क, रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जीवनयापन कर रहे असहाय लोगों को सुरक्षित आश्रय, भोजन, चिकित्सा, काउंसलिंग और पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ऐसे लोगों की समय पर पहचान और सूचना मिलने से उनका जीवन सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया जा सकता है। जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचय देते हुए किसी भी निराश्रित, बेसहारे अथवा संकटग्रस्त व्यक्ति की जानकारी संबंधित विभागों को तत्काल उपलब्ध कराएं। प्रशासन का कहना है कि समाज और शासन के सामूहिक प्रयासों से ही जरूरतमंद लोगों को मुख्यधारा से जोड़कर उन्हें सुरक्षित, सम्मानपूर्ण और आत्मनिर्भर जीवन प्रदान किया जा सकता है।



