नई फैक्ट्री के नाम पर 8.20 करोड़ की कथित ठगी! कारोबार बढ़ाने का सपना दिखाकर रकम हड़पने का आरोप
गाजियाबाद। कारोबारी साझेदारी और विश्वास का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नई फैक्ट्री स्थापित कर कारोबार का विस्तार करने का सपना दिखाकर 8.20 करोड़ का निवेश कराने और बाद में उस रकम का उपयोग पुराने कर्ज एवं देनदारियों के भुगतान में करने के आरोप में कविनगर थाना पुलिस ने एक दंपती सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर वित्तीय लेनदेन और लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर रही है। शिकायतकर्ता लव गुप्ता, जो नई दिल्ली के साउथ एक्सटेंशन पार्ट-एक स्थित हैगर मेगा मार्ट प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में सुशांत शर्मा, उसकी पत्नी छवि शर्मा, ससुर मनोज शर्मा और सास नीता शर्मा को नामजद किया है। शिकायत के अनुसार दोनों परिवारों के बीच वर्ष 2000 से परिचय और व्यावसायिक संबंध रहे हैं, जिसके चलते आरोपितों पर विश्वास करते हुए बड़ी राशि निवेश की गई। शिकायत में बताया गया है कि जनवरी 2024 में कारोबार का विस्तार करने के उद्देश्य से मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में आधुनिक मशीनों से सुसज्जित नई फैक्ट्री लगाने की योजना प्रस्तुत की गई। आरोपितों ने दावा किया कि निर्धारित समय में फैक्ट्री स्थापित कर उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे कारोबार को नई गति मिलेगी। इस भरोसे के आधार पर अप्रैल से मई 2024 के बीच हैगर मेगा मार्ट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से विटोरिया फासेट्स प्राइवेट लिमिटेड के खाते में 8.20 करोड़ हस्तांतरित किए गए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपितों ने मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री के लिए स्थान तय होने और मई 2024 तक कब्जा मिलने का दावा किया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी परियोजना पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। बाद में जानकारी मिली कि निवेश की गई राशि का उपयोग नई फैक्ट्री लगाने के बजाय पुराने कर्ज और अन्य वित्तीय देनदारियां चुकाने में किया गया। मामले में आगे बताया गया कि निवेश की रकम वापस लेने के लिए अगस्त 2024 में न्यू एज इंडस्ट्रीज के माध्यम से एक समझौता हुआ। शिकायत के अनुसार इस समझौते में सुशांत शर्मा ने ?5 करोड़ की देनदारी स्वीकार करते हुए राशि लौटाने पर सहमति जताई थी। समझौते के तहत सितंबर 2024 से प्रतिमाह ?23.77 लाख की किश्त के रूप में भुगतान किया जाना था। हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि समझौते के बावजूद नियमित भुगतान नहीं किया गया। अब तक केवल 40.83 लाख ही अनियमित रूप से लौटाए गए, जबकि अधिकांश राशि बकाया रही। आरोप है कि अप्रैल 2025 के बाद सुशांत शर्मा ने संपर्क करना भी बंद कर दिया, जिसके बाद पीडि़त पक्ष ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया। कविनगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर दंपती समेत चारों आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज, बैंक लेनदेन, समझौता पत्र और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।



