जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी जांच लंबित, कार्रवाई का इंतजार
_रसूलपुर ग्राम पंचायत में सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप, 15 दिन में आख्या देने के दिए थे निर्देश।
वेलकम इण्डिया
इटवा/सिद्धार्थनगर। विकास खंड इटवा की ग्राम पंचायत रसूलपुर से जुड़ी शिकायत में जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद जांच पूरी नहीं होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता रामवृक्ष गुप्ता पुत्र कप्तान ने 10 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान के स्थान पर महेश मिश्रा नामक व्यक्ति द्वारा मोबाइल नंबर पंजीकृत कराए जाने और कथित रूप से फर्जी तरीके से बैठकों के आयोजन, प्रधान के हस्ताक्षर तथा ओटीपी के इस्तेमाल के आरोप लगाए थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार, शपथपत्र के साथ दी गई शिकायत में इंटरलॉकिंग, मिट्टी कार्य, सीसी रोड समेत अन्य विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया गया है। आरोप है कि संबंधित मोबाइल नंबर के माध्यम से कभी प्रधान तो कभी प्रधान प्रतिनिधि बनकर ओटीपी प्राप्त किया गया और ग्राम पंचायत के विकास कार्यों के लिए सचिव को मिली धनराशि के इस्तेमाल में अनियमितता की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कार्यालय ज्ञाप जारी कर उपायुक्त श्रम रोजगार, सिद्धार्थनगर को जांच अधिकारी नामित किया था। उन्हें नियमानुसार जांच कर 15 दिनों के भीतर सुस्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। जांच के दौरान ग्राम सभा की बैठक की कार्यवाही, मनरेगा के स्थलीय सत्यापन की रिपोर्ट, मस्टररोल और फोटोग्राफ समेत संबंधित अभिलेख संलग्न किए जाने के निर्देश भी दिए गए थे। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हुई और न ही मामले में कोई कार्रवाई हुई है। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी के आदेश का अनुपालन कराते हुए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।




