किराना कारोबार के नाम पर करोड़ों की ठगी का खेल, शुरुआत में भुगतान कर जीता भरोसा
गाजियाबाद। किराना कारोबार में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाकर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि निवेशकों को पहले छोटी रकम लगाकर हर महीने आकर्षक रिटर्न देने का भरोसा दिलाया गया और जब लोगों का विश्वास जम गया तो उनसे किराना स्टोर खोलने तथा कारोबार में निवेश के नाम पर लाखों रुपये वसूल लिए गए। इसके बाद आरोपितों ने कार्यालय बंद कर दिए और ऑनलाइन व्यवस्था भी ठप कर दी। मामले में 24 पीडि़तों की शिकायत पर अदालत ने कविनगर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। पुलिस ने अदालत के आदेश पर 10 आरोपितों के खिलाफ करीब 3.70 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में करीब पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। मामले में अधिवक्ता और निवेशक महेश वर्मा की ओर से अदालत में शिकायत दाखिल की गई थी। शिकायत के मुताबिक, पंकज सोनी सेठ और उसके साथियों ने उनसे संपर्क कर वैदिक आयुरक्योर, आयुरक्योर डायरेक्ट प्राइवेट, एक्सिस ई-कारपोरेशन और ई-स्टोर इंडिया समेत विभिन्न निवेश योजनाओं की जानकारी दी। निवेशकों को बताया गया कि महज नौ हजार रुपये में एक आईडी लेने पर हर महीने 1100 रुपये तक की रकम दी जाएगी। इस तरह निवेशकों को करीब 12.22 प्रतिशत मासिक रिटर्न का लालच दिया गया। आरोप है कि योजना को आकर्षक दिखाने के लिए शुरुआत में कुछ निवेशकों के खातों में रकम भी भेजी गई। समय पर भुगतान मिलने से निवेशकों का विश्वास बढ़ता गया और उन्होंने अपने परिचितों तथा अन्य लोगों को भी इस योजना से जोडऩा शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपितों ने बड़े निवेश का रास्ता तैयार किया। शिकायत में बताया गया है कि गाजियाबाद के मोहननगर, नेहरूनगर और राजनगर समेत कई स्थानों पर बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में निवेश योजना के फायदे और किराना कारोबार से होने वाले मुनाफे के बारे में बताया गया। लोगों को घरेलू सामान पर करीब 33 प्रतिशत तक की छूट देने का भी लालच दिया गया। इससे निवेशकों को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया गया कि योजना सिर्फ निवेश पर रिटर्न देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोगों को किराना कारोबार के माध्यम से भी लगातार आमदनी होगी। शुरुआती दौर में भुगतान कर भरोसा कायम करने के बाद आरोपितों ने निवेशकों से किराना स्टोर खुलवाने और कारोबार विस्तार के नाम पर 25 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक की रकम निवेश कराई। कई लोगों ने अपनी जमा पूंजी और परिचितों से रकम लेकर इस योजना में पैसा लगाया। आरोप है कि बड़ी रकम जुटाने के बाद धीरे-धीरे कंपनी की गतिविधियां बंद होने लगीं। कार्यालयों पर ताले लग गए और ऑनलाइन व्यवस्था भी काम करना बंद कर गई। निवेशकों को न तो उनका मूलधन वापस मिला और न ही वादे के मुताबिक रिटर्न दिया गया। मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस पूरी निवेश योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया और भारी रकम एकत्र की गई। शिकायत में कथित घोटाले की रकम करीब पांच हजार करोड़ रुपये तक होने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद ही वास्तविक रकम और प्रभावित निवेशकों की संख्या की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। एफआईआर में गौतमबुद्धनगर निवासी फैजान खान, दिल्ली के मयूर विहार निवासी उरोज अली खान, दिल्ली निवासी शमशाद अहमद, नजमा खान, मेरठ के कैली गांव निवासी मुकेश कुमार त्यागी, सलाउद्दीन, दिल्ली के लक्ष्मीनगर निवासी मोहम्मद जफर, हर्ष राजन तिवारी, फैजान के रिश्तेदार मोहम्मद जफर और पंकज सोनी सेठ को नामजद किया गया है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि अदालत के आदेश पर कविनगर थाने में आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस निवेश से संबंधित दस्तावेज, लेन-देन का ब्योरा, बैंक खातों और आरोपितों से जुड़े अन्य रिकॉर्ड की भी जांच करेगी।



