वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, कार्बन क्रेडिट योजना की दी विस्तृत जानकारी-मुख्य विकास अधिकारी समेत जनप्रतिनिधियों ने किया पौधारोपण, ग्रामीणों से हरियाली बढ़ाने का किया आह्वान

गाजियाबाद। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने और अधिक से अधिक लोगों को हरित अभियान से जोडऩे के उद्देश्य से शुक्रवार को मोदीनगर रेंज वन प्रभाग के अंतर्गत विकास खंड भोजपुर की ग्राम पंचायत चुडिय़ाला स्थित कम्पोजिट विद्यालय में ‘ग्रीन चौपाल, पौधारोपण एवं आम भंडारा कार्यक्रमÓ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हरियाली बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ रहे, जबकि खंड विकास अधिकारी पीयूष वर्मा, जिला परियोजना अधिकारी प्रदीप कुमार पाण्डेय तथा ब्लॉक प्रमुख सुचिता सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी से अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने की अपील की। ग्रीन चौपाल के दौरान क्षेत्रीय वन अधिकारी (मोदीनगर रेंज) अमित सिंह ने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों को वन एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए बताया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक यदि एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे तो पर्यावरण संतुलन को मजबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर वन विभाग द्वारा संचालित कार्बन क्रेडिट योजना की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने योजना के उद्देश्य, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया, जिससे ग्रामीण भविष्य में इसका लाभ उठा सकें। साथ ही वन विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए सूचना पुस्तिकाएं एवं पैम्फलेट भी वितरित किए गए। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण ‘आम भंडारा कार्यक्रमÓ रहा, जिसके अंतर्गत बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों को नि:शुल्क आम के पौधे वितरित किए गए। ग्रामीणों ने पौधों का संरक्षण कर गांव को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मोदीनगर रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी अमित सिंह, वन विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, विद्यालय स्टाफ तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। पूरे आयोजन में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, जनभागीदारी और हरित भविष्य के निर्माण का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया।



