मोहर्रम की आठवीं की रात कस्बा हल्लौर में अलम, ताबूत का जुलूस निकालकर अकीदतमंदों ने किया नौहां-मातम

वेलकम इण्डिया/असदुल्लाह सिद्दीकी
डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। मोहर्रम की आठवीं बुधवार की रात डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल से कदीमी( परम्परागत) अलम और ताबूत का जुलूस इमाम बारगाह के मोतवलली अकबर मेंहदी की देखरेख में निकाला गया। जुलूस नौहा मातम के बीच पूरे कस्बे में गश्त कर बृहस्पतिवार की सुबह 5 बजे समाप्त हो गया। इस दौरान जगह-जगह मर्सिया मजलिस आयोजित कर शहादत अली अकबर और अली असगर पर रोशनी डाली गई।पूरा माहौल गमगीन बना रहा।
जानकारी के अनुसार डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़ा हुसैनिया बाबुल से बुधवार की रात 10:30 बजे शबीहे ताबूत अली अकबर व अली असगर अलम के साथ निकाला गया। जो इमाम बारगाह वफ्फ शाह आलमगीर सानी, दरगाह हज़रत अब्बास, जन्नतुल बकी,होते हुए पूरे कस्बे में गश्त किया। इस दौरान अकीदतमंदों ने अली अकबर,अली असगर की शहादत से मंसूब ( आधारित)
नौहा पढ़ कर पूरी शिद्दत से मातम किया। मौलाना मुबारक अली, जाकिर जमाल हैदर, अजीम हैदर, काजिम कर्बलाई आदि ने मजलिस को खिताब करते हुए अली अकबर अलैहिस्सलाम और अली असगर अलैहिस्सलाम के शहादत के मंजर को बयान किया।जिसे सुनकर अकीदतमंद हाय अली अकबर की सदा बुलंद कर रो पड़े।
इस दौरान अकबर मेंहदी, अकील हैदर,काजिम कर्बलाई,समाजसेवी डाक्टर फकरूल हसन, समाजसेवी सैययद सैफ हैदर रिजवी, वसीउल हसन, हाशिम रिज़वी पत्रकार, शबबन, असगर अब्बास, लाडले, आसिफ, खुशतर, अहमद रज़ा, बब्लू, आमिर आदि लोग मौजूद रहे।



