ग्राम सभा की जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, बुलडोजर कार्रवाई में ढहाया गया मदरसा

-करीब एक हेक्टेयर भूमि पर पक्का निर्माण और पार्क बनाकर किया गया था अतिक्रमण
-नोटिस और सुनवाई के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चली कार्रवाई
गाजियाबाद। मसूरी थाना क्षेत्र के डासना कल्लूगढ़ी में ग्राम सभा की भूमि पर अवैध रूप से निर्मित एक मदरसे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाकर निर्माण को ध्वस्त कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच यह कार्रवाई संपन्न हुई। बताया गया कि संबंधित मदरसा पिछले चार वर्षों से बंद पड़ा था और ग्राम सभा की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद का विषय बना हुआ था। प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार ‘जामिया अरबिया इशातुल इस्लामÓ नामक मदरसे द्वारा डासना स्थित खसरा संख्या 1548 की भूमि पर पक्का निर्माण और पार्क विकसित कर अवैध कब्जा किया गया था। संबंधित भूमि का कुल रकबा 5.2490 हेक्टेयर है, जो राजस्व रिकॉर्ड में ऊसर भूमि के रूप में दर्ज है और ग्राम सभा की संपत्ति है। जांच में पाया गया कि वर्ष 2021 से इस भूमि पर बिना वैधानिक अनुमति के निर्माण कर अतिक्रमण किया गया था। अवैध कब्जे की शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने मदरसा प्रबंधक समिति को जनवरी 2023 में नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था। सुनवाई के दौरान भूमि प्रबंधन समिति, हल्का लेखपाल और अन्य संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए गए। प्रस्तुत अभिलेखों और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर प्रशासन ने माना कि संबंधित भूमि पर किया गया कब्जा अवैध है तथा निर्माण नियमों के विपरीत किया गया है। प्रशासनिक आदेश में उल्लेख किया गया कि संबंधित पक्ष को मामले की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी रूप से अपनी पैरवी नहीं की गई और उपलब्ध साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि भूमि पर किया गया कब्जा वैध नहीं था। इसके बाद सक्षम अधिकारी द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने और भूमि को कब्जामुक्त कराने का आदेश जारी किया गया। आदेश के अनुपालन में मंगलवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई कर मदरसे के निर्माण और परिसर में विकसित पार्क को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने अवैध कब्जे के मामले में मदरसा प्रबंधक समिति पर एक करोड़ 23 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि ग्राम सभा और सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।


