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गैस सिलेंडर न मिलने से ठप हुआ मिड-डे मील, शिक्षक संघ के हस्तक्षेप के बाद जागा प्रशासन- बीएसए ओपी यादव के निर्देश पर गैस एजेंसी को तत्काल सिलेंडर उपलब्ध कराने के आदेश

गाजियाबाद। मुरादनगर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय अमीरपुर गढ़ी में गैस सिलेंडर की आपूर्ति न होने के कारण मध्यान्ह भोजन योजना बाधित होने का मामला सामने आया है। लंबे समय से गैस उपलब्ध न कराए जाने के चलते 27 अप्रैल 2026 को विद्यालय में बच्चों के लिए मिड-डे मील नहीं बन सका। मामले को गंभीरता से उठाते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ. अनुज त्यागी ने प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और तत्काल कार्रवाई की गई। प्रधानाध्यापक द्वारा भेजे गए पत्रों में बताया गया कि विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए आवश्यक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने हेतु जिन्दल गैस एजेंसी, मुरादनगर से एक अप्रैल 2026 से लगातार संपर्क किया जा रहा था। इस संबंध में 17 अप्रैल 2026 को लिखित प्रत्यावेदन दिया गया तथा 18 अप्रैल को संबंधित अधिकारियों को भी अवगत कराया गया। इसके बाद 25 अप्रैल को पुन: फोन के माध्यम से गैस एजेंसी संचालक से अनुरोध किया गया, क्योंकि 24 अप्रैल को एजेंसी की सप्लाई वाहन अमीरपुर गढ़ी क्षेत्र में पहुंचा था, लेकिन स्वीकृति न होने का हवाला देकर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया।
डॉ. अनुज त्यागी ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि गैस की अनुपलब्धता के कारण विद्यालय में मध्यान्ह भोजन बनाना असंभव हो गया है, जिससे बच्चों के पोषण कार्यक्रम पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव ने जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जिन्दल गैस एजेंसी, मुरादनगर को कड़ा पत्र जारी किया। बीएसए ने निर्देश दिया कि प्राथमिक विद्यालय अमीरपुर गढ़ी सहित विकासखंड मुरादनगर के सभी विद्यालयों को आवश्यकता अनुसार गैस सिलेंडर तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए। बीएसए ने अपने पत्र में स्पष्ट कहा कि गैस एजेंसी द्वारा लगातार लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के कारण मध्यान्ह भोजन योजना प्रभावित हो रही है, जो अत्यंत गंभीर मामला है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक संघ के हस्तक्षेप और प्रशासनिक सक्रियता के बाद अब विद्यालयों में गैस आपूर्ति सुचारु होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय शिक्षकों और अभिभावकों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

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