कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा से सुविधाओं तक हर मोर्चे पर सख्त तैयारी के निर्देश-यात्रा शुरू होने से पहले सभी विभाग हर व्यवस्था करें दुरुस्त: रविन्द्र कुमार मॉंदड़

गाजियाबाद। आगामी श्रावण मास एवं शिवरात्रि पर निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यात्रा से जुड़े सभी विभागों की तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया। बैठक में नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, स्थानीय निकायों, खाद्य सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन सहित सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु यातायात व्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा के दौरान स्थानीय नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रत्येक व्यवस्था यात्रा प्रारंभ होने से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में कांवड़ मार्गों की व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने सभी स्थानीय निकायों को निर्देशित किया कि पूरे मार्ग पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, साफ-सफाई, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त बनाया जाए तथा मार्ग में बाधा बनने वाली झाडिय़ों की कटाई और पेड़ों की शाखाओं की समय रहते छंटाई कराई जाए। विद्युत विभाग को निर्देश दिए गए कि कहीं भी खुले तार, झूलती लाइनें, क्षतिग्रस्त बिजली के पोल या अन्य विद्युत संबंधी खतरे नहीं रहने चाहिए। विद्युत सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुरादनगर नहर एवं घाट क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए जिलाधिकारी ने वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग, जल पुलिस, प्रशिक्षित गोताखोर, नाव तथा अन्य बचाव संसाधन उपलब्ध रहें। साथ ही सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। मुरादनगर घाट के सौंदर्यीकरण, शौचालय, पेयजल तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के कार्य भी यात्रा शुरू होने से पहले पूरे करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, चिकित्सक दल और मेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा कांवड़ मार्ग के आसपास स्थित निजी अस्पतालों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी सूची तैयार रखने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। सभी विभागों के कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे सक्रिय रखने तथा तीन पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए गए। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने और होटल, ढाबों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासनादेशों एवं स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। कांवड़ यात्रा के दौरान कोई भी व्यक्ति नाम बदलकर खाद्य सामग्री न बेच सके, यह सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कांवड़ मार्ग पर संचालित सभी मीट की दुकानों को बंद रखने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में कांवड़ मार्ग पर स्थित दुकानों और ढाबों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने, प्रमुख स्थानों पर दिशा-सूचक एवं सूचना बोर्ड स्थापित करने तथा पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता और विश्राम स्थलों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए। जिलाधिकारी ने प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने तथा आवश्यकता पडऩे पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित ठहराने के लिए होल्डिंग एरिया पहले से चिन्हित करने को कहा। इन स्थानों पर भी पेयजल, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारीगण, उप जिलाधिकारीगण, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुलिस विभाग, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



