एक माह में करीब 15 विद्यालयों में चोरी, मुरादनगर में भी कई स्कूल बने निशाना, शिक्षकों में बढ़ी सुरक्षा को लेकर चिंता

गाजियाबाद। जनपद के परिषदीय विद्यालयों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोर विद्यालयों में लगे पंखे, इन्वर्टर, बैटरी, विद्युत उपकरण, स्मार्ट कक्षा से जुड़ी सामग्री, रसोई के सामान और अन्य शैक्षिक संसाधनों को निशाना बना रहे हैं। चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं से जहां सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई गई सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। कई विद्यालयों में चोरी के कारण शिक्षण कार्य और स्मार्ट कक्षा जैसी गतिविधियों में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। इस संबंध में सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ को ज्ञापन सौंपकर परिषदीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ कराने की मांग की है। जिलामंत्री, प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय सचिव डॉ. अनुज त्यागी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जनपद के विभिन्न विकासखंडों में पिछले कुछ समय से विद्यालयों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेष रूप से लोनी और मुरादनगर विकासखंड के विद्यालय चोरों के निशाने पर हैं। डॉ. अनुज त्यागी ने बताया कि लोनी विकासखंड में पिछले एक माह के दौरान करीब 15 परिषदीय विद्यालयों में चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। वहीं कंपोजिट विद्यालय मीरपुर हिन्दू, लोनी में तो दो बार चोरी की घटना हो चुकी है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था किस स्थिति में है। उन्होंने कहा कि बार-बार चोरी होने के बावजूद यदि प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों को सुरक्षित रखना मुश्किल होगा। शिक्षक संघ के अनुसार प्राथमिक विद्यालय सिकरानी, प्राथमिक विद्यालय चिरौड़ी नंबर-2, प्राथमिक विद्यालय खरखड़ी, प्राथमिक विद्यालय शकलपुरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय चिरौड़ी, प्राथमिक विद्यालय मेवला भट्टा नंबर-1, प्राथमिक विद्यालय शकलपुरा नंबर-1, प्राथमिक विद्यालय भनेड़ा खुर्द, प्राथमिक विद्यालय निस्तौली, कंपोजिट विद्यालय अफजलपुर, प्राथमिक विद्यालय फरुखनगर, उच्च प्राथमिक विद्यालय निस्तौली और कंपोजिट विद्यालय कोतवालपुर सहित कई विद्यालयों में चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। मुरादनगर विकासखंड के भी कई विद्यालय चोरों के निशाने पर रहे हैं। डॉ. अनुज त्यागी ने कहा कि विद्यालयों में चोरी केवल सरकारी संपत्ति के नुकसान का मामला नहीं है, बल्कि इससे बच्चों की पढ़ाई और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक सुविधाएं भी प्रभावित होती हैं। स्मार्ट कक्षा के उपकरण, पंखे, इन्वर्टर और बैटरी जैसी सामग्री चोरी होने से विद्यालयों में शिक्षण गतिविधियां बाधित हो जाती हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराई जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं चोरी की घटनाओं से प्रभावित विद्यालयों में विशेष निगरानी के साथ रात्रिकालीन सुरक्षा अथवा चौकीदार की व्यवस्था की जाए। साथ ही चोरी की घटनाओं वाले क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, ताकि विद्यालयों को चोरों से सुरक्षित रखा जा सके। डॉ. अनुज त्यागी ने कहा कि शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं, लेकिन बार-बार होने वाली चोरी से विद्यालयों की व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी स्तर से इस मामले में प्रभावी कदम उठाते हुए विद्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित कराई जाएगी।

