उपमुख्यमंत्री ने किया अहिल्याबाई होल्कर द्वार का शिलान्यास-19.50 लाख रुपये की लागत से बनेगा भव्य द्वार, प्रदेशभर में 300 द्वार और प्रतिमाओं की स्थापना का अभियान

गाजियाबाद। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर रविवार को लोनी में आयोजित भव्य समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उन्हें भारतीय संस्कृति, सुशासन और लोककल्याण की अद्वितीय प्रतीक बताते हुए उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर उन्होंने लोनी बॉर्डर बस डिपो के सामने 19.50 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ‘अहिल्याबाई होल्कर द्वार का शिलान्यास किया और कहा कि लोकमाता ने ऐसे दौर में भारतीय संस्कृति और धार्मिक विरासत को संरक्षण दिया, जब देश अनेक चुनौतियों से गुजर रहा था।
लोनी के नाईपुरा स्थित महिला डिग्री कॉलेज परिसर में पाल समाज द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उपमुख्यमंत्री ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर केवल एक कुशल शासक ही नहीं थीं, बल्कि उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर सहित देश के अनेक प्राचीन मंदिरों, तीर्थस्थलों, घाटों और धर्मशालाओं के पुनर्निर्माण एवं जीर्णोद्धार का ऐतिहासिक कार्य किया। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित रखने में उनका योगदान सदैव याद किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में उनकी स्मृति में 300 द्वार और प्रतिमाओं की स्थापना का कार्य कराया जा रहा है। लोनी में बनने वाला ‘अहिल्याबाई होल्कर द्वार भी इसी अभियान का हिस्सा है, जो आने वाली पीढिय़ों को उनके प्रेरणादायी जीवन की याद दिलाएगा। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी वह वास्तविक हकदार थीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पहली बार उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिया जा रहा है। आज उनकी जयंती सरकारी स्तर पर पूरे प्रदेश और देश में गरिमापूर्ण ढंग से मनाई जा रही है तथा समाज के सभी वर्गों को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का अवसर मिल रहा है। समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि धारा 370 हटाने, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, गरीबों को मुफ्त राशन, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और महिलाओं को आरक्षण जैसे निर्णयों ने देश की दिशा बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व पटल पर नई पहचान बना रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रतिष्ठा लगातार बढ़ रही है। अपने राजनीतिक संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए भरोसे का नाम हैं, जबकि विपक्ष जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आगामी चुनाव में केवल भाजपा उम्मीदवारों को विजयी बनाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि विपक्षी उम्मीदवारों की जमानत जब्त कराने के लिए भी पूरी ताकत से कार्य करना होगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्ष 2027 में साइकिल को केवल पंचर नहीं करना है, बल्कि पूरी तरह खत्म कर देना है। राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई ने अपने शासनकाल में काशी विश्वनाथ, सोमनाथ, उज्जैन सहित अनेक प्रमुख धार्मिक स्थलों के संरक्षण और पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने विश्वास जताया कि देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। समारोह के उपरांत उपमुख्यमंत्री ने लोनी बॉर्डर बस डिपो के सामने बनने वाले भव्य ‘अहिल्याबाई होल्कर द्वार का विधिवत शिलान्यास किया। कार्यक्रम में गाजियाबाद सांसद अतुल गर्ग, लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर, पाल समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के जीवन, उनके आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।



