ग़ाज़ियाबाद

सरकारी जमीन पर बने अवैध मजार पर चला बुलडोजर, भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चला अभियान-राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं मिला निर्माण, नोटिस के बाद की गई कार्रवाई

गाजियाबाद। लोनी ट्रोनिका सिटी औद्योगिक क्षेत्र के सी-8 सेक्टर में सरकारी भूमि पर बने एक कथित अवैध मजार को रविवार को जिला प्रशासन, पुलिस और यूपीसीडा की संयुक्त टीम ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। पूरे अभियान के दौरान इलाके को सुरक्षा के लिहाज से पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात किए गए। प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई। संयुक्त अभियान का नेतृत्व एडीएम सिटी विकास कश्यप और एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने किया। इस दौरान यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल, सीनियर मैनेजर एन.के. जैन, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम सहित राजस्व विभाग, यूपीसीडा और पुलिस प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में चार बुलडोजरों की सहायता से पूरे निर्माण को हटाया गया और सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। जिला प्रशासन के अनुसार जिस भूमि पर यह निर्माण किया गया था, वह यूपीसीडा के अधिकार क्षेत्र की सरकारी भूमि है। जांच के दौरान राजस्व अभिलेखों में इस स्थान पर किसी भी मजार अथवा धार्मिक निर्माण का उल्लेख नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण नियमानुसार स्वीकृत नहीं था और इसे सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की गई। प्रशासन ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने के बाद ही यह अभियान चलाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2001 में इस स्थान पर केवल एक छोटा चबूतरा मौजूद था। बाद के वर्षों में, विशेषकर कोरोना काल के दौरान, यहां कथित रूप से गुंबदनुमा ढांचा तैयार कर स्थायी निर्माण कर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि दिसंबर 2025 में संबंधित स्थान पर नोटिस चस्पा कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समय तक कोई संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर रविवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अमल में लाई गई।
एडीएम सिटी विकास कश्यप ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार पूरे जिले में सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को सार्वजनिक अथवा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कहीं भी सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण या अतिक्रमण पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम लोनी दीपक सिंगनवाल ने बताया कि पूरी कार्रवाई राजस्व अभिलेखों, विभागीय रिपोर्ट और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर की गई है। अभियान के दौरान किसी प्रकार का विरोध या व्यवधान सामने नहीं आया और प्रशासन ने पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि की सुरक्षा और उसके निर्धारित उपयोग को सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। यूपीसीडा की परियोजना अधिकारी शर्मिला पटेल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र की भूमि केवल औद्योगिक एवं निर्धारित विकास कार्यों के लिए आरक्षित है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण या अतिक्रमण को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यूपीसीडा अपने अधिकार क्षेत्र की भूमि पर नियमित निगरानी रखेगा और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी, जिससे पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। वहीं एसीपी लोनी सिद्धार्थ गौतम ने कहा कि प्रशासन और पुलिस के बेहतर समन्वय के कारण कार्रवाई शांतिपूर्ण माहौल में पूरी हुई तथा कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। जिला प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार का अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें अतिक्रमण से मुक्त कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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