शहर-राज्य

एडीएम की अध्यक्षता में जनपद में पराली अवशेष प्रबंधन के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई आयोजित

संतकबीरनगर। जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में अपर जिलाधिकारी (वि/रा) की अध्यक्षता में जनपद में पराली अवशेष प्रबंधन के संबंध में जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह उपस्थित रहे।

बैठक में उप कृषि निदेशक डॉ राकेश कुमार सिंह द्वारा बताया गया कि जनपद में धान की कटाई के उपरांत गेहूं की बुवाई में समय अंतराल कम रहने पर धान की कटाई अक्सर कंबाइन मशीन से कटाई उपरांत धान की पराली को खेत खाली करने के लिए जला देते हैं जबकि माननीय सुप्रीम कोर्ट एवं माननीय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा फसल अवशेष को जलाया जाना प्रताप प्रतिबंधित किए जाने के साथ-साथ दंड एवं वसूली विधि कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। गत वर्ष जनपद में कुल 34 किसानों को रुपए 75000 पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली की गई थी इसकी सूचना भारत सरकार के स्तर से सेटेलाइट के माध्यम से प्राप्त होती है।

अपर जिलाधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में तैनात सभी कार्मिकों को निर्देशित कर दिया जाए की कोई भी किस भी प्रकार से खेत में पराली ना जलाने पाए एवं किसी भी किसान के क्षेत्र में पराली जलाए जाने की घटना पाई जाती है तो नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जाए साथ ही जिस कंबाइन संचालक के द्वारा उसे खेत की कटाई की गई थी उससे भी पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए इसकी पुनरावृत्ति की जाने पर कंबाइन को सीज किया जाए। कोई भी कंबाइन मशीन बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा रीपर बाइंडर व बेलर के क्षेत्र में ना चलती हुई पाई जाए इसी प्रकार कृषि विभाग के कार्मिक भी क्षेत्र में भ्रमणशील रहे। जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देशित किया गया कि समस्त ग्राम पंचायत को पराली द्वारा खाद बनाए जाने एवं निराश्रित गौशाला में पराली दान किए जाने के निर्देश दिए गए। 

उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को इस कार्य को पूर्ण की जाने हेतु कार्मिकों की ड्यूटी लग जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपस्थित अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा भी पुलिस विभाग के माध्यम से परली जिला जाने की निगरानी एवं दंड व वसूली की कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए बैठक में उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक को स्कूल विद्यालयों के माध्यम से इसका प्रचार प्रसार किए जाने का निर्देश दिया गया। बैठक के अंत में अपर जिलाधिकारी द्वारा सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार को छूटे हुए किसानों का फार्म रजिस्ट्री अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए गए उनके द्वारा निर्देशित किया गया कि किसने को आ रही समस्या का समाधान करते हुए उसका फॉर्म रजिस्ट्री किया जाए वर्तमान समय में चकबंदी ग्राम अंतर्गत किसानों का खतौनी के डिजिटाइजेशन का कार्य प्रचलन में है साथ ही बटाईदार कृषक भी अब अपनी फर्म रजिस्ट्री तैयार कर सकते हैं जिसके लिए भारत सरकार के पोर्टल एग्री स्टेट पर व्यवस्था कर ली गई है सभी जन सुविधा केंद्र संचालकों को भी इस कार्य में तेजी लाए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं किसी भी प्रकार से क्षेत्र में किसने की फॉर्म रजिस्ट्री न किए जाने पर क्षेत्रीय कर्मचारियों को विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए।

इस अवसर पर उप जिलाधिकारी मेहदावल क्षिप्रा पाल, उप जिलाधिकारी धनघटा वीरेंद्र कुमार गुप्ता, उप कृषि निदेशक डॉ राकेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ सर्वेश कुमार यादव,तहसीलदार मेहदावल अल्पिका वर्मा, सूचना अधिकारी सुरेश कुमार सरोज सहित सम्मानित किसान बन्धु आदि उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button