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अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने किया महास्नान

-मध्यरात्रि 12 बजे शुरू हुआ महास्नान, संतान सुख की कामना लेकर देशभर से पहुंचे दंपति; सुबह तक घाटों पर गूंजते रहे राधे-राधे के जयकारे

मनोज शर्मा /वेलकम इंडिया 

मथुरा /राधाकुण्ड । अहोई अष्टमी पर राधाकुंड में आयोजित पारंपरिक महास्नान में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। संतान सुख की कामना और राधारानी के प्रति अटूट श्रद्धा लेकर देशभर से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने मध्यरात्रि में पवित्र राधाकुंड में डुबकी लगाई। रात 12 बजे महास्नान शुरू होते ही घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं का सैलाब कुंड की ओर उमड़ पड़ा। चारों ओर राधे-राधे के जयकारों से पूरा तीर्थ क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। श्रद्धा और परंपरा का यह सिलसिला सुबह तक चलता रहा।

-संतान सुख की कामना लेकर पहुंचे दंपति

राधाकुंड के अहोई अष्टमी महास्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष मान्यता है। मान्यता है कि इस दिन राधाकुंड में स्नान करने से नि:संतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के साथ नवविवाहित जोड़ों से लेकर वर्षों से संतान की प्रतीक्षा कर रहे दंपतियों ने स्नान कर राधारानी से मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना की। वहीं संतान प्राप्ति के बाद अनेक दंपति आभार व्यक्त करने भी पहुंचे।

-मध्यरात्रि में घाटों पर उमड़ा जनसैलाब

महास्नान के लिए कई दिन पहले से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया था। रविवार को दिनभर मंदिरों, घाटों और परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़ रही। रात होते-होते घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, दीपदान और परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

-डिब्बा प्रथा से कराया गया सकुशल स्नान

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने परंपरागत डिब्बा प्रथा अपनाई। इसके तहत कुंड में भीड़ का दबाव कम होने पर श्रद्धालुओं को क्रमबद्ध तरीके से स्नान कराया गया। व्यवस्था के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सुरक्षित रूप से महास्नान किया।

-पुलिस-प्रशासन ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था

मेले में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मियों, पीएसी और गोताखोरों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन से निगरानी की गई। अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आवागमन को सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया।

-आस्था और विश्वास का अनूठा संगम 

महास्नान संपन्न होने के बाद भी राधाकुंड में श्रद्धालुओं का पहुंचना जारी रहा। घाटों पर कहीं मनोकामना पूरी होने की खुशी दिखाई दी तो कहीं संतान सुख की प्रतीक्षा में पहुंचे दंपतियों की आंखों में उम्मीद और विश्वास नजर आया। अहोई अष्टमी का यह महास्नान एक बार फिर ब्रज की प्राचीन धार्मिक परंपरा और राधाकुंड के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का साक्षी बना।

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